@शब्द दूत ब्यूरो (17 दिसंबर 2025)
काशीपुर। दहेज हत्या के एक बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त पति, सास और ननद को दोषमुक्त कर दिया है। यह निर्णय न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, काशीपुर द्वारा साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया।
मामले के अनुसार, 19 नवंबर 2021 को उदल सिंह द्वारा तहसील थाना जसपुर में तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि उनकी बेटी अंजू देवी का विवाह अप्रैल 2021 में शिवम कुमार, निवासी सूरजपुर जसपुर, के साथ हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद पति शिवम, सास मीना देवी और ननद आँचल अंजू देवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे और इसी प्रताड़ना के चलते 19 नवंबर 2021 को मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस जांच के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल की गई और अभियोजन की ओर से कुल 12 गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिनमें आई.पी.एस. अक्षय प्रह्लाद कौंडे भी शामिल थे। अभियोजन ने इसे दहेज हत्या का मामला बताते हुए सख्त सजा की मांग की।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनिदेव बिश्नोई एवं भारत भूषण ने प्रभावी बहस की। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दलील दी कि मृतका के शरीर पर किसी भी प्रकार के खरोंच या मारपीट के निशान नहीं पाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, अंजू देवी के पेट में खाना पाया गया था और मृत्यु का कारण फांसी बताया गया। गले पर पाया गया लिगेचर मार्क लटकने से आना संभव बताया गया, जिससे मारपीट कर हत्या की पुष्टि नहीं होती।
न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों से संतुष्ट होते हुए यह माना कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। इसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने अभियुक्त पति शिवम कुमार, सास मीना देवी एवं ननद आँचल को दहेज हत्या के आरोप से बरी कर दिया।
इस फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले को लेकर चर्चाएं तेज रहीं, वहीं बचाव पक्ष ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal
