@शब्द दूत ब्यूरो (11 सितंबर 2025)
काशीपुर। महापौर दीपक बाली ने आज नगर निगम सभागार में पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों के बेबाकी से जबाब दिये। अतिक्रमण, सड़कों पर उड़ती धूल, डंपर व भारी वाहनों से हादसों के खतरे व 2 प्रतिशत दाखिल खारिज शुल्क समाप्त करने के नगर निगम के फैसले को लेकर हर सवाल का जवाब दिया।
सवाल: काशीपुर की मुख्य सड़कें, खासकर रामनगर रोड और मुरादाबाद रोड पर शाम होते ही धूल का गुबार इतना बढ़ जाता है कि बाइक से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़कें गड्ढों से भरी हैं और पटरी भी नहीं है। नगर निगम की तरफ से इस पर क्या किया जाएगा?
महापौर दीपक बाली: यह बहुत महत्वपूर्ण सवाल है। हाल ही में प्रभारी मंत्री गणेश जोशी जी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। मुख्यमंत्री जी ने भी रामनगर रोड फ्लाईओवर को लेकर निर्देश दिए हैं। रेलवे की अनुमति की वजह से काम रुका था, लेकिन मैंने साफ कहा है कि रेलवे की अनुमति अलग मुद्दा है—बाकी सर्विस रोड और साइड एरिया का काम तुरंत होना चाहिए। आने वाले दिनों में एनएच और पीडब्ल्यूडी को जरूरी काम पूरे कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जहां-जहां धूल की समस्या है, वहां पेवर्स लगाए जाएंगे और नालों का निर्माण होगा। जनता को इससे फर्क नहीं पड़ता कि काम किस विभाग का है—समस्या का समाधान होना चाहिए और उसी दिशा में काम किया जा रहा है।
सवाल: फुटपाथों पर अतिक्रमण है, पैदल यात्री सड़क पर चलते हैं और हादसे होते हैं। इस समस्या को लेकर क्या योजना है?
महापौर दीपक बाली: ठेले वालों को हटाना आसान है, लेकिन उनका भी जीवन और परिवार जुड़ा है। मेरी योजना है कि पहले शहर में तीन-चार जगहों पर उनके लिए व्यवस्थित स्थान बनाऊं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और लगभग छह महीने का समय लगेगा। उसके बाद अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था स्थायी और मानवीय दोनों होगी।
सवाल: आपने पद संभालने के बाद 2% दाखिल-खारिज शुल्क खत्म करने का प्रस्ताव पास किया था। लेकिन अभी तक शुल्क खत्म नहीं हुआ है?
महापौर दीपक बाली: प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि पिछले हफ्ते से ही नगर निगम एफिडेविट लेकर बिना 2% शुल्क लिए दाखिल-खारिज कर रहा है। शासन की अनुमति लंबित है, लेकिन जनता को राहत देना शुरू कर दिया है।
सवाल: शहर के बीच से गुजरने वाले डंपर सड़क तोड़ते हैं और हादसों का खतरा बढ़ाते हैं। इनके लिए क्या व्यवस्था होगी?
महापौर दीपक बाली: सही बात है, बड़े ओवरलोडेड डंपर शहर से नहीं गुजरने चाहिए। फ्लाईओवर से भी ये नहीं निकल सकते, इसलिए इनके लिए बाइपास जैसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि ये वाहन शहर के भीतर न आएं और सीधे बाहर निकल जाएं। इस पर विभागीय स्तर पर काम चल रहा है और जल्द ही समाधान दिखेगा।
सवाल: नगर निगम के कूड़ा उठाने वाले वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं हैं। अगर दुर्घटना हो तो पहचान मुश्किल हो जाती है। क्या कदम उठाए जाएंगे?
महापौर दीपक बाली: बिना डीएल के किसी ड्राइवर की नियुक्ति नगर निगम में नहीं होती। आपकी बात सही है, मैं इस पर तुरंत ध्यान दूंगा। जल्द ही नगर निगम को 35 नए वाहन मिलने जा रहे हैं। इन वाहनों पर ड्राइवर और सुपरवाइजर का मोबाइल नंबर, वार्ड नंबर और कंपनी की जानकारी अंकित की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता भी आसानी से पहचान सकेगी।
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