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“जीवन बचाने की कला: काशीपुर में चिकित्सकों को मिला बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण”,होम्यो क्योर एंड रिसर्च सेंटर में हुआ आयोजन “देखिए वीडियो

@शब्द दूत ब्यूरो (07 सितंबर 2025)

काशीपुर। शहर के होम्यो क्योर एंड रिसर्च सेंटर में रविवार को एक दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें होम्योपैथी, इलेक्ट्रो-होम्योपैथी और एलोपैथिक पद्धति से जुड़े अनेक चिकित्सकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण युवा चिकित्सक डॉ. वैभव शर्मा का व्याख्यान रहा, जिन्होंने बेसिक लाइफ सपोर्ट की महत्वता और प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि यह तकनीक चिकित्सा विज्ञान की मूलभूत और जीवन रक्षक पद्धति है, जो अचानक स्वास्थ्य संकट जैसे हृदयगति रुकने, दम घुटने, डूबने या दुर्घटना की स्थिति में मरीज को प्राथमिक सहायता देकर उसके जीवन को सुरक्षित रखती है।

उन्होंने कहा कि बीएलएस का मुख्य उद्देश्य मस्तिष्क और आवश्यक अंगों तक ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना है, ताकि पेशेवर चिकित्सा सेवा आने तक रोगी जीवित रह सके। डॉ. शर्मा ने बीएलएस के तीन मूलभूत सिद्धांतों CAB (Circulation, Airway, Breathing) को विस्तार से बताते हुए कहा कि इसमें रोगी की हृदय गति और नाड़ी की जाँच कर आवश्यकता पड़ने पर छाती पर दबाव देकर रक्त संचार जारी रखा जाता है, श्वसन मार्ग को खुला किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम श्वसन दिया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि आजकल हैंड्स-ओनली सीपीआर को अधिक महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह सरल और प्रभावी है। साथ ही उन्होंने ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) के उपयोग पर भी प्रकाश डाला, जो हृदय की असामान्य धड़कन को सामान्य करने के लिए विद्युत आघात देता है।

कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर पंकज शर्मा ने इमरजेंसी मेडिसिन और टाइफाइड पर व्याख्यान प्रस्तुत किया, डॉक्टर रजनीश शर्मा ने मेडिको लीगल समस्याओं पर चर्चा की तथा डॉक्टर नित्या विश्वकर्मा ने ईसीजी की व्याख्या करते हुए उसका प्रैक्टिकल प्रदर्शन भी किया।

आयोजन में इलेक्ट्रो-होम्योपैथी रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुरेश राजपूत, डॉ. आर.पी. सिंह सैनी, उपाध्यक्ष डॉ. नावेद जाफरी सहित डॉ. आर.के. विश्नोई, डॉ. नासिर चौधरी, डॉ. राहत अली, प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. जफर सैफी,  डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. जिया-उर-रहमान, डॉ. अशफाक अली, डॉ. शमशाद अली, डॉ. शशि शर्मा, डॉ. ज्ञान सिंह, डॉ. गौरव बशिष्ठ, डॉ. बुरहानुद्दीन, डॉ. नंद किशोर सागर, डॉ. सुंदर सिंह पाल, डॉ. लोकेश कंबोज, डॉ. एम.के. सक्सेना, डॉ. चंद्रमणि देवल, डॉ. जावेद असलम, डॉ. राम सिंह पाल तथा डॉ. यूनुस अली समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक शामिल हुए। अंत में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बीएलएस केवल चिकित्सकों तक सीमित न रहकर आम नागरिकों को भी सीखना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सके। इसे आधुनिक समाज में नागरिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है और वैश्विक स्तर पर इसे अपनाने पर बल दिया जा रहा है।काकार्यक्रम के समापन पर डॉ रजनीश कुमार शर्मा व उनकी पत्नी श्रीमती विनीता शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

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