@शब्द दूत ब्यूरो (30 अगस्त 2025)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह से मुस्तैद रहे। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में जन-जीवन की सुरक्षा के सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं और प्रभावित लोगों को तत्परता से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े उच्चाधिकारियों और सभी जिलों के जिलाधिकारियों से आपदा प्रभावित इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा पर किसी का जोर नहीं है, लेकिन राहत व बचाव दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सराहनीय कार्य किया है। सभी विभागों को इसी तरह के बेहतर समन्वय और तत्परता के साथ आगे भी कार्य करने की हिदायत दी गई।
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि मलवे के कारण नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, ऐसे में निकाले गए मलवे को सुरक्षित स्थान पर डंप किया जाए ताकि बारिश के दौरान यह दोबारा नदी में अवरोध न बनाए। उन्होंने चारधाम यात्रा और आगामी त्योहारों को देखते हुए सड़कों के सुधार व व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सचिव लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत संबंधी टेंडर व अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में अवरुद्ध सड़कें खोलने, जल व विद्युत आपूर्ति बहाल करने और घायल पशुओं के उपचार के लिए पशुपालन विभाग की टीमों को गांव-गांव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि राहत व बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सहयोग शासन से बेझिझक मांगा जाए। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को जनपदों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई कर आवश्यक धनराशि जारी करने को कहा गया।
सीएम धामी ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और खतरे की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही, नदियों के किनारों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने की बात कही। उन्होंने राज्य के सभी बांधों पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने और बांध से पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना जिला प्रशासन को नियमित रूप से देने का आदेश दिया।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव डॉ. पंकज पांडे, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
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