@शब्द दूत ब्यूरो (21 अगस्त 2025)
काशीपुर। सिविल जज (सी०डि०) काशीपुर की अदालत ने उपजिलाधिकारी काशीपुर, तहसीलदार काशीपुर तथा चार पटवारी/लेखपालों के खिलाफ दायर इजराय वाद को खारिज कर दिया है। यह वाद गुलहसन, गुलफाम, उसमान, जीहसन, नूरहसन, अली हसन व चांद हसन की ओर से दाखिल किया गया था।
वादियों का कहना था कि जसपुरखुर्द, तहसील काशीपुर, जिला उधमसिंहनगर स्थित भूमि पर पूर्व में ही न्यायालय द्वारा उनके परिवार के पक्ष में डिकी का आदेश पारित हो चुका है तथा 20 अगस्त 2007 से उस पर स्थगन आदेश (स्टे) लागू है। इसके बावजूद उपजिलाधिकारी काशीपुर ने तहसीलदार से आख्या लेकर लेखपालों की टीम बनाकर भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया।
वादियों ने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व लेखपालों ने यह कहकर कब्जा दिलाने की तैयारी की कि वे किसी न्यायालय आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं।
इस मामले में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व लेखपालों की ओर से अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल ने पैरवी करते हुए कहा कि उन्हें पक्षकार नहीं बनाया जा सकता क्योंकि वे पुराने मुकदमे में पक्षकार नहीं थे। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपजिलाधिकारी काशीपुर, तहसीलदार काशीपुर, लेखपाल फूल सिंह, लेखपाल अरुण कुमार, लेखपाल गौरव कुमार और लेखपाल दौलत सिंह के खिलाफ दायर इजराय वाद को खारिज कर दिया।
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