@शब्द दूत ब्यूरो (14 अगस्त 2025)
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया और विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल का शिलान्यास किया।
उन्होंने विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन भारत के लिए एक ओर आजादी का उत्सव था तो दूसरी ओर विभाजन की पीड़ा का घाव भी। लाखों लोग अपने घर-परिवार से बिछड़ गए, हजारों ने प्राण गवाए और कई का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में इस दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि हम अपने बलिदानियों और विस्थापितों के संघर्ष को याद रख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंटवारे ने सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं को चोट पहुंचाई थी, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और लैण्ड-जिहाद, थूक-जिहाद पर कार्रवाई राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण और विभाजन विभीषिका स्मृति स्थलों की स्थापना का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कृषि, ग्राम्य विकास एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विभाजन प्रदर्शनी का अवलोकन किया, हवन-यज्ञ में भाग लिया और लघु फिल्म देखी। उन्होंने विभाजन के दौरान बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के इस दिवस को मनाने के निर्णय के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विभाजन विभीषिका स्मृति कार्यक्रम में पाञ्चजन्य के विशेषांक का विमोचन भी किया।
पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि विभाजन के समय बड़े पैमाने पर पलायन हुआ और हमारे पूर्वजों ने असीम कष्ट सहे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीएए लागू कर अपने देश लौटे लोगों को नागरिकता देना संभव हुआ। उन्होंने कहा कि बंगाल से लौटे विस्थापितों के प्रमाण पत्रों से ‘पूर्वी पाकिस्तान’ शब्द हटाना गुलामी के प्रतीक को समाप्त करने का कदम है।
महापौर एवं कार्यक्रम संयोजक दीपक बाली ने मुख्यमंत्री से विस्थापित पंजाबी और अन्य जातियों को दी गई लीज भूमि का मालिकाना हक देने, गरीब पंजाबी परिवारों को आर्थिक सहायता और स्मृति स्थल पर लाला लाजपत राय की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाजन की यातना सहने वाले लोगों और उनके परिजनों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर रुद्रपुर विकास शर्मा, नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख चंद्र प्रभा, रविंद्र राणा, दर्जा मंत्री दिनेश मानसेरा, फरजाना बेगम, शायरा बानो, जिलाध्यक्ष मनोज पाल, कमल जिंदल, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, स्वामी हरि चैतन्यपूरी महाराज, राम मेहरोत्रा, खिलेन्द्र चौधरी, पुष्कर काला, सत्यवान गर्ग, राजीव ठुकराल, डॉ यशपाल रावत,मुकेश चावला, अमित सक्सेना, पवित्र शर्मा, प्रशांत गहतौड़ी, कल्पना राना, प्रियंका अग्रवाल, ललित बाली, बिना नेगी, सुरेश सैनी, अनिल डाबर, अश्वनी छाबड़ा, शोभित गुड़िया, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अधिशासी निदेशक चीनी, ए पी बाजपेई, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ के के अग्रवाल, उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal

