@शब्द दूत ब्यूरो (26 जुलाई 2025)
देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में हुई भारी वर्षा के कारण उत्पन्न आपदा की स्थिति से निपटने के लिए शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बीती रात एक बजे से चार बजे के बीच रुद्रप्रयाग तहसील के ग्राम चमेली, रूमसी, चमरारा तोक एवं विजयनगर क्षेत्र में सौड़ी गदेरे और बेडू बगड़ नाले में भारी मात्रा में मलबा व पानी आने से 8-10 भवनों, गौशालाओं, शौचालयों और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रातः छह बजे से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही राजस्व, लोक निर्माण, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी बीच गौरीकुंड में घोड़ापड़ाव से लगभग 50 मीटर आगे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी भारी मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ। प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमों ने तत्परता से कार्य शुरू किया और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाला गया। अब तक केदारनाथ की ओर से 1600 यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि शेष लगभग 700 यात्रियों को निकालने का कार्य जारी है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो शाम तक सभी मार्ग खोल दिए जाएंगे।
सचिव आपदा प्रबंधन श्री सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री धामी स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और राहत कार्यों की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों के लिए सभी जरूरी सहायता तत्काल पहुंचाने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस आपदा में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है, जो राहत की बात है। फिर भी सतर्कता के दृष्टिगत गहन निरीक्षण जारी है और सभी क्षेत्रों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। सचिव आपदा प्रबंधन ने सभी एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य किया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में इस दौरान एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। आम जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर ही विश्वास करें। आपात स्थिति में नजदीकी राहत केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
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