@शब्द दूत ब्यूरो (29 जून 2025)
देहरादून। उत्तराखंड में जारी भारी वर्षा और आपदाजन्य स्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी दो माह तक 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और नियमित रूप से ग्राउंड पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा पर आये श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को सुरक्षित ठहराव, भोजन, दवा और बच्चों के लिए दूध की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए अगले 24 घंटे के लिए चारधाम यात्रा को रोके जाने के आदेश दिए गए हैं।
बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने सर्च और रेस्क्यू अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। अब तक 29 में से 20 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि दो शव बरामद किए गए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। रुद्रप्रयाग में हुए वाहन हादसे में लापता लोगों की तलाश भी तेजी से की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका डाटा बेस तैयार करने और सितम्बर तक जिनकी प्रसव तिथि है, उन्हें पूर्व प्रसव काल में अस्पताल तक पहुंचाने के समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जच्चा और बच्चा की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने बारिश से प्रभावित सड़कों की मरम्मत, मार्गों को खोलने की तत्पर व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी व उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। नदी-नालों के बहाव में बदलाव की आशंका वाले क्षेत्रों में चैनलाइजेशन और अन्य सुरक्षात्मक उपायों पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
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