@शब्द दूत ब्यूरो(26 जून 2025)
काशीपुर। यहाँ मुरादाबाद रोड स्थित सब्जी मंडी में किसानों की उपज के लिए निर्मित नीलामी चबूतरे के कथित दुरुपयोग को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को एक लिखित शिकायत भेजी गई है, जिसमें मंडी अधिनियम के उल्लंघन और किसानों के हितों की अनदेखी किए जाने की गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि मंडी समिति के सहायक लेखा अधिकारी जिन्होंने अनाधिकृत रूप से मंडी सचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया है, नीलामी चबूतरे का उपयोग निजी व्यापारिक हितों को साधने के लिए कर रहे हैं। यह चबूतरा विशेष रूप से किसानों की उपज की नीलामी एवं भंडारण के लिए निर्मित किया गया था, किंतु अब इसे व्यापारियों को गलत तरीके से आवंटित किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने पत्र के माध्यम से चार प्रमुख मांगें जिसमें नीलामी चबूतरे पर हो रहे व्यापारिक उपयोग को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और उसे पुनः केवल किसानों के उपयोग हेतु आरक्षित किया जाए। लेखाधिकारी की सचिव पद पर हुई कथित अनियमित नियुक्ति और उनके द्वारा लिए गए निर्णयों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।मंडी परिसर में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन हेतु स्पष्ट एवं कठोर निर्देश जारी किए जाएँ।इस प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मंडी परिसर में अन्य कई स्थान व्यापारिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद किसानों के अधिकार क्षेत्र वाले चबूतरे का दुरुपयोग प्रशासनिक मिलीभगत से किया जा रहा है।
यह मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में पहुँच चुका है और कृषि उत्पाद विपणन समिति की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है। किसान संगठनों में भी इस विषय को लेकर आक्रोश की लहर देखी जा रही है।
अब यह देखना होगा कि शासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या वाकई किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई होती है या यह मामला भी प्रशासनिक फाइलों में दबकर रह जाएगा।
शब्द दूत शिकायतकर्ता द्वारा लगाये गये आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। ये शासन की जांच पर निर्भर करता कि आरोप सही है या गलत।
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