@शब्द दूत ब्यूरो (26 जून 2025)
काशीपुर । बरसात में जलभराव से त्रस्त काशीपुर शहर को राहत दिलाने के लिए महापौर दीपक बाली की अगुवाई में नगर निगम ने कमर कस ली है। उनकी सतत निगरानी और दिशा-निर्देशों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलनिकासी को सुचारु बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है, जिसके सुखद परिणाम भी सामने आने लगे हैं।
नगर निगम की ‘नाला गैंग’ और सफाई कर्मचारियों की टीम दिन-रात जुटी है। गैबिया नाला, रामनगर रोड का बड़ा नाला, लक्ष्मीपुर पट्टी स्थित कलश मंडप के सामने का नाला जैसे कई जमे हुए जलमार्गों की सफाई कराई जा रही है। मुख्य बाजार में व्यापारियों को राहत देने के लिए नालियों का चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण कराया जा रहा है, जिससे बारिश के बाद जलभराव जल्द ही समाप्त हो जाता है।
शहर की कई कालोनियों में वर्षों से बरसात के दौरान जलभराव एक विकराल समस्या बना हुआ है। दो से तीन फुट तक पानी लोगों के घरों में भर जाता है। पानी के साथ नालियों की गंदगी और सड़क का कीचड़ घरों में घुस जाता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
जहां एक ओर पूरा शहर महापौर की इस जलभराव मुक्ति मुहिम की सराहना कर रहा है, वहीं कुछेक स्थानों पर नागरिकों का असहयोग सामने आ रहा है। मुख्य मार्गों पर नालियों के ऊपर पड़ी सीमेंट की स्लैब्स जेसीबी से सफाई कार्य में बाधा बन रही हैं। निगम द्वारा इन्हें हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ नागरिक इसका विरोध कर रहे हैं।
यह एक विडंबना है कि जो लोग वर्षों से जलभराव की समस्या से पीड़ित हैं, वही इसकी स्थायी समाधान प्रक्रिया में बाधा बनते नजर आ रहे हैं। इससे महापौर दीपक बाली और नगर निगम की मेहनत को झटका लग रहा है। बीती रात स्वास्थ्य वसफाई निरीक्षक डॉ मनोज बिष्ट नगर निगम की टीम के साथ जेसीबी से आई हास्पिटल रोड की नालियों की तली झाड़ सफाई के लिए पहुंचे थे। इस बीच कुछ नागरिकों की दुकानों और घरों के आगे नालियों के ऊपर पड़ी सीमेंट की स्लैब्स की वजह से जेसीबी को दिक्कत देखने में आई। कुछ लोगों ने स्लैब्स हटाने का विरोध किया जिसकी वजह से सफाई में बाधा उत्पन्न हुई। हालांकि बाद में स्लैब्स कुछ लोगों ने खुद हटा ली तो कहीं जेसीबी की मदद से हटाई गयी।
यह स्पष्ट है कि केवल महापौर के संकल्प और नगर निगम के प्रयासों से जलभराव से स्थायी निजात नहीं मिल सकती। नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे सहयोग करें, जागरूक बनें और सार्वजनिक हित में अपनी सोच को विस्तृत करें।
गौरतलब है कि ऐसे असहयोगी लोग संख्या में अधिक नहीं हैं, लेकिन इनकी वजह से संपूर्ण नगर को हर साल बारिश में जलभराव का दंश झेलना पड़ता है। यदि सभी नागरिक महापौर की इस पहल में सहभागी बनें, तो निश्चित रूप से काशीपुर को जलभराव से स्थायी मुक्ति मिल सकती है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal