@शब्द दूत ब्यूरो (30 अप्रैल 2025)
देहरादून। अपर सचिव अरुणेंद्र सिंह चौहान के इतने भ्रष्टाचार के मामले है कि आए दिन सुर्खियों में छाये रहते है ।
उत्तराखंड बनने के बाद ये पहले ऐसे अपर सचिव है जिनपर धामी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र से लेकर आय से अधिक संपत्ति, सरकारी कागजों में हेरा फेरी , आयुष्मान योजना के घोटाला, सुभारती मामले में ग़लत जाँच रिपोर्ट देकर मेडिकल कॉलेज की अनुमति दिलवाना, सरकारी कागजों में हेरा फेरी सहित अन्य अनेक आरोप लगते रहे है और न्यायालय सहित पुलिस को मामले संदर्भित हुए है ।
हाल ही में झाझरा में अरुणेंद्र सिंह चौहान ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के सिख की जमीन हड़पने का भरसक प्रयास किया और मारपिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया की सुर्खी बना परंतु अरुणेंद्र सिंह चौहान ने सरकार की ऐसी नस दबा रखी थी थी सरकार इनके आगे नतमस्तक हो गई और अपने दायित्व और लायन ऑर्डर मेंटेन की ड्यूटी निभा रहे निर्दोष दरोगा हर्ष अरोड़ा को इस अपर सचिव ने अपने रुआब और दबाव से सस्पेंड करवा दिया ।
बताया जाता है कि अरुणेद्र सिंह चौहान का सुभारती मेडिकल कालेज से अंडरस्टैंडिंग है और एक दिन में लाखो की फीस तय करना और असली तथ्य छुपा कर ग़लत रिपोर्ट देकर एनओसी देने का आरोप अरुणेंद् सिंह चौहान पर लगभग सिद्ध हो चला है ।
आज माननीय न्यायालय ने उक्त मामले का संज्ञान लेकर अरुणेंद्र सिंह चौहान को नोटिस जारी कर फिया है ।
जनता के बीच चर्चा यह है कि डबल इंजन के संवेंदनशील सरकार अरुणेद्र सिंह चौहान जैसे भ्रष्टाचारी अधिकारी के खिलाफ कब कार्रवाई करेगी? अरुणेद्र सिंह चौहान सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में सपष्ट कह रहे है कि वो मुख्यमंत्री कार्यालय चलाते है । अब सवाल यह है कि अगर अगर मुख्यमन्त्री कार्यालय वो चलाते है तो सरकार को कौन चलाता है ?
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