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काशीपुर में ठगी का दिलचस्प मामला: योगी सरकार में राज्यमंत्री बनाने के नाम पर ठगे लाखों, फिर जान से मारने की दी धमकी मुकदमा दर्ज

@शब्द दूत ब्यूरो (14 अगस्त 2024)

काशीपुर। शहर में अजीबोगरीब ठगी की घटनाएं हो रही है। अभी कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने कमेटी के नाम पर करोड़ों रुपए हड़प लिए। अब एक और दिलचस्प मामला सामने आया है। इस बार तो एक ही व्यक्ति ने कुछ लोगों को उत्तर प्रदेश में राज्यमंत्री बनाने के नाम पर लाखों रुपए ठग लिए। पिछले दो सालों से यह सिलसिला जारी था। यहां तक कि पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए इन लोगों ने बड़े सुनियोजित तरीके से उसे फंसाया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पीड़ित व्यक्ति उदित बंसल पुत्र प्रमोद बंसल निवासी निकट पंत पार्क, स्टेशन रोड काशीपुर निवासी  ने पुलिस को इस मामले की तहरीर दी है। तहरीर के अनुसार उसकी पहचान का अमित काम्बोज पुत्र सुखवीर सिंह निवासी जीसी ग्राउण्ड, इंदिरापुरम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश  28 मई 2022 की शाम के लगभग 4 बजे उनके निवास स्थान स्थित कार्यालय पर मिलने आया तथा उन्हें बताया कि वह जिम कॉर्बेट पार्क से आ रहा है। उसने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में कोई राज्यमंत्री या विधान परिषद के सदस्य का पद चाहिए तो वह दिला सकता है, क्योंकि उसकी व उसके भाई मनोज काम्बोज की उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में उच्च नेताओं व मंत्रियों से जान पहचान है तथा ऐसे किसी पद के लिए दो करोड़ रुपये भाजपा के पार्टी फण्ड में उसके मार्फत देने होंगे। चूंकि अमित काम्बोज उनका पूर्व परिचित था, इसलिए उन्होंने उसकी बात पर भरोसा कर उसे लखनऊ आने-जाने के खर्च के लिए 40 हजार रुपये नकद दे दिये। दिनांक

3 जून 2022 को दोपहर लगभग 12 बजे अमित काम्बोज ने उन्हें फोन किया कि वह लखनऊ से बोल रहा है तथा उसके व उसके भाई मनोज कम्बोज की उक्त पदों के लिए बात हो गई है तथा रात तक पचास हजार रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दो ताकि वह भाजपा उत्तर प्रदेश के पार्टी फण्ड में मेरी तरफ से जमा कर दें एवं एक बायोडाटा बनाकर भेजने के लिए कहा।

उदित ने फ़ोन आने के बाद उसी दिन  शाम के 7 बजे  अपना बायोडाटा अमित काम्बोज के व्हाट्सएप पर भेजा तथा 50 हजार रुपये उसे गूगल पे के द्वारा ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद अमित काम्बोज दिनांक 22 जून 2022 तक कई बार फोन पर वह व्हाट्सएप पर टैक्सट व वॉइस मैसेज भेज कर यह भरोसा दिलाता रहा कि वह तथा मनोज काम्बोज लखनऊ भाजपा सरकार के मंत्रियों व नेताओं से बात कर रहे हैं। अमित काम्बोज ने 22 जून 2022 की सुबह लगभग 8 बजे अपने फोन से एक आदमी से बात करवाई जिसका नाम नरेश निवासी सहारनपुर बताया तथा कहा कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद करीबी है तथा भाजपा का संगठन मंत्री है। उक्त नरेश ने उनसे कहा कि 23 जून 2022 की शाम को लगभग 6 बजे तक दिल्ली आ जाओ और वह (नरेश) उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करा देगा। दिनांक 22 जून 2022 को अमित काम्बोज ने व्हाट्सएप पर एक बॉइस मैसेज भेजा जिसमें मनीज काम्बोज उक्त नरेश तथा एक अन्य आदमी से वार्तालाप थी। 23 जून 2022 को शाम लगभग 6 बजे तक वह इंदिरापुरम, गाजियाबाद पहुंचे। वहां से अमित काम्बोज उन्हें लेकर 5, सरदार पटेल मार्ग नई दिल्ली स्थित उत्तर प्रदेश भवन में ले गया।

वहां यूपी भवन के बाहर मनोज काम्बोज तथा एक अन्य व्यक्ति मौजूद था, जिसने अपना परिचय नरेश निवासी सहारनपुर का बताया। नरेश ने किसी को फोन करा उन्हें उत्तर प्रदेश भवन के अन्दर ले जाने को उसे कहा। तब भीतर से एक व्यक्ति आया उसने अपना नाम राजकुमार कर्णवाल बताया और कहा कि वह मुख्यमंत्री का ओएसडी है। उसने बताया कि मुख्यमंत्री जी अभी व्यस्त हैं। उन्होंने कहलवा दिया है कि वक्त मिलते ही उन्हें राजकुमार कर्णवाल के साथ बुला लेंगे। यह कहकर वहीं रिसेप्शन पर इन्तजार करने को कहकर उक्त राजकुमार कर्णवाल मेरे साथ बैठ गया।

रात लगभग 10:30 बजे तक हन्तजार करने के बाद भी जब मुख्यमंत्री ने नहीं बुलाया तो राजकुमार कर्णवाल उन्हें भवन से बाहर ले आये तथा अगले दिन सुबह लगभग 7:30 बजे का समय मिलने का लेने के लिए कह कर मुझे जाने के लिए बोल दिया। वहां मौजूद नरेश व मनोज ने रात में होटल आदि के ठहरने के खर्चे के लिए उनसे 25 हजार रुपये नकद ले लिये।

उदित ने बताया कि 24 जून 2022 की सुबह लगभग 7:30 बजे से 10 बजे तक उक्त उत्तर प्रदेश भवन में काफी इन्तजार करने के बाद भी मुख्यमंत्री नहीं मिले तो उपरोक्त चारों आदमियों ने लखनऊ चलकर मुलाकात करवाने को कहकर पुनः खर्चे के लिए 40 हजार रुपये उनसे नकद ले लिये तथा वह काशीपुर वापस आ गये। दिनांक 25 जुलाई 2022 को लगभग 10 बजे अमित काम्बीज ने उन्हें व्हाट्‌सएप कॉल कर कर राजकुमार कर्णवाल से बात करने को कहा।

जब उन्होंने बात की तो राजकुमार कर्णवाल ने उसके बैंक खाते में 1 लाख 10 हजार रुपये पार्टी फण्ड के लिए तथा 9 हजार रुपये खर्च हेतु भेजने के लिए कहा, जिसे उन्होंने उसी दिन राजकुमार के खाते में ट्रांसफर कर दिये।

उदित ने बताया कि अगले कुछ महीनों तक चारों आदमी उन्हें कुछ कागजात दिखाकर फाइल चलने की बात कहते रहे तथा इस दौरान उनसे 72 हजार रुपये नकद ले लिये। इसके बाद  27 अप्रैल 2023 को राजकुमार कर्णवाल का उनके व्हाट्सएप पर फोन आया। उसने कहा कि सील्ड लिफाफा उसके पास आ गया है। 1 लाख रुपये अभी भेज दी पार्टी फण्ड में तथा 5 लाख रुपये लेकर सुबह 8 बजे तक मेरे निवास सात्विक होम्स्, राजेन्द्र नगर स्ट्रीट नम्बर-8, देहरादून आ जाओ। इस पर उन्होंने उसके खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये।

फिर 28 अप्रैल 2023 की सुबह 8 बजे उदित अपने पिता प्रमोद कुमार अग्रवाल पुत्र स्व. मोहन अग्रवाल के साथ राजकुमार के उक्त देहरादून स्थित घर पर गया। वहां उसने उन्हें सीलबन्द लिफाफा दिखाया जिसके ऊपर उनका नाम तथा प्रेषक उत्तर प्रदेश शासन लिखा था, तथा उस लिफाफे को खोलकर उसमें से पत्र निकाला जिस पर मुख्यामंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के हस्ताक्षर थे तथा मुझे गवर्नर उत्तर प्रदेश को राज्य मंत्री बनाने की संस्तुति थी। राजकुमार ने 5 लाख रुपये और मांगे जो कि मैंने उस वक्त देने को मना कर दिया। 11 मई.2023 को जब उदित हैदराबाद गये हुए थे तब राजकुमार कर्णवाल तथा नरेश का फोन आया कि दो-तीन दिन में राजकुमार कर्णवाल के खाते में 5 लाख रुपये डाल दो, जिससे कि पार्टी फण्ड में देकर मेरा सरकार में राज्य मंत्री का पद सुनिश्चित करवाया जा सके। जिस पर उन्होंने अपनी भांजी के माध्यम से 2 लाख रुपये उसके खाते में जमा करवा दिये।इसके बाद उदित ने कई बार अमित व राजकुमार को फोन कर उपरोक्त कार्य के लिए पूछा, परन्तु उन दोनों ने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

आखिरकार 21 अक्टूबर 2023 को दिन के लगभग 10 बजे उदित ने अमित को फोन करके अपने सारे 6,46,000 रुपये वापस मांगे तो उसने उसी दिन शाम को लगभग 7 बजे नरेश को कॉन्फ्रेंस कॉल में लिया तथा दोनों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया कि अगर तुझे जिन्दा रहना है तो यह रुपए भूल जा और शेष 2 करोड़ रुपए और दे दे। क्योंकि हमने तेरे लिए राज्य मंत्री का पद की संस्तुति करवायी है और अगर तू पीछे हटा तो तुझे जान से मरवा देंगे।

उदित ने बताया कि  16 नवंबर 2023 को जब उन्होंने देहरादून जाकर राजकुमार कर्णवाल के बारे में आसपास पता किया तो पता चला कि वह पूर्व में भी ऐसी कई ठगी कर चुका है तथा वह किसी भी मुख्यमत्री का ओएसडी नहीं है तथा कई बार पूर्व में जेल भी जा चुका है। उपरोक्त चारों लोगों ने एकराय होकर षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज बनाकर व दिखाकर उनके साथ धोखाधड़ी की है और अब उन्हें जान से मारने की धमकी देकर उनसे करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं।

उदित बंसल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उक्त चारों लोगों के खिलाफ धारा आईपीसी की धारा 420, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच बांसफौड़ान चौकी इंचार्ज को सौंपी गई है।

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