@शब्द दूत ब्यूरो (14 मार्च, 2024)
कठुआ। पिछले करीब एक साल से पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह के कांग्रेस में लौटने की जारी अटकलों पर गुरुवार को विराम लग जाएगा। वह नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस में दोबारा शामिल हो जाएंगे। संभवत: लाल सिंह को ऊधमपुर-कठुआ-डोडा संसदीय क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है।
बता दें कि लाल सिंह वर्ष 2004 व 2009 में लगातार दो बार कांग्रेस से सांसद बने। बाद में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद भाजपा से अलग होकर अपना दल डोगरा स्वाभिमान बना लिया। कुछ माह पहले लाल सिंह ईडी की कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे थे। उन्हें जेल जाना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें जमानत पर छोड़ा गया।
कांग्रेस में शामिल होने से पहले लाल सिंह के भाजपा में जाने की चार महीने से लगातार चल रही थी। गत दिनों जब ऊधमपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने मौजूदा सांसद जितेंद्र सिंह को मैदान में फिर उतारा तो लाल सिंह के भाजपा में शामिल होने की संभावना खत्म हो गई।
करीब एक वर्ष से पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह के कांग्रेस में वापसी की अटकलें लग रही थी, लेकिन अब नईदिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस में दोबारा शामिल हो जाएंगे।
लाल सिंह कांग्रेस में गत वर्ष 2023 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पार्टी में वापस लौटने की तैयारी किए हुए थे, उस समय वह स्वयं अपने समर्थकों सहित राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए प्रदेश के मुख्य द्वार लखनपुर पहुंचे थे, लेकिन ऐन मौके पर राहुल गांधी की सभा में बार-बार अपने समर्थकों द्वारा नारे लगाने से उनका व्यवहार कांग्रेस पार्टी को उचित नहीं लगा, जिसके चलते उस समय उनकी कांग्रेस में वापसी स्थगित हो गई थी।
उससे पहले लाल सिंह वर्ष 2014 में कांग्रेस द्वारा दो बार संसदीय क्षेत्र में जीत दर्ज करने पर भी गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाए जाने पर नाराज होकर भाजपा में शामिल हो गए थे, जिसके बाद बसोहली विधान सभा क्षेत्र से बाद में विधायक चुने गए और पीडीपी-भाजपा गठबंधन में दोबारा प्रदेश में मंत्री बने।
चौधरी लाल सिंह अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत कांग्रेस से वर्ष 1996 में उस समय शुरू की थी, जब वह पहली बार कठुआ विधान सभा क्षेत्र और स्थानीय निवासी होने पर भी दूससे विधान सभा क्षेत्र बसोहली में जाकर तिवारी कांग्रेस की टिकट पर जम्मू कश्मीर से एकमात्र विधायक बने थे। उसके कुछ महीने बाद तिवारी कांग्रेस का कांग्रेस में विलय हो गया, जिससे उनकी कांग्रेस में सीधे इंट्री हो गई।
दूसरी बार वर्ष 2002 में जम्मू कश्मीर में हुए विधान सभा चुनाव के बाद दोबारा बसोहली विधानसभा क्षेत्र से जीतने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बने, उस दौरान वे काफी काफी चर्चित मंत्री रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में अभूतपूर्व अनुशासन कायम किया।
उनकी उक्त छवि को देखते हुए कांग्रेस ने उसे वर्ष 2004 में हुए आम लोकसभा चुनाव में ऊधमपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। उस समय प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेता प्रो. चमन लाल गुप्ता को हराने में सफल भी हुए, जो लगातार तीन बार संसदीय चुनाव जीते थे।
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