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गढ़वाल लोकसभा सीट पर चुनाव होगा दिलचस्प, मनीष के जाने से टिकट की दावेदारी में गोदियाल हुए मजबूत

@शब्द दूत ब्यूरो (09 मार्च 2024)

देहरादून। पिछला लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके मनीष खंडूड़ी के पार्टी छोड़ने के बाद गढ़वाल संसदीय सीट पर वर्तमान में टिकट के दावेदारों के बीच संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस अब इस सीट पर जातीय समीकरण साधने का दांव खेल सकती है, लेकिन इसे भाजपा की काट के रूप में भी आजमाने की तैयारी है। इसलिए कांग्रेस ने भाजपा की चाल पर नजरें गड़ा दी हैं।

वहीं, मनीष खंडूड़ी के कांग्रेस से जाने के बाद इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की दावेदारी और मजबूत हुई है। पांच जिलों में पसरी और भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश की अत्यंत विषम समझी जाने वाली गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस के लिए एकाएक परिस्थितियां उस समय अधिक असहज हो गई, जब टिकट के प्रमुख दावेदारों में सम्मिलित मनीष खंडूड़ी ने गत दिन पार्टी को बाय-बाय कर दिया।

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मनीष खंडूड़ी ने दिया इस्तीफा

वर्ष 2019 में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे मनीष खंडूड़ी चुनाव हारने के बावजूद पिछले पांच वर्षों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी के पुत्र मनीष खंडूड़ी को पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के निकटस्थ होने के कारण पार्टी में सम्मिलित किया गया था। उन्हें वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में इस सीट से टिकट का दावेदार माना जा रहा था।

गढ़वाल सीट के लिए इन नामों पर हो रहा है मंथन

मनीष के कांग्रेस छोड़ने के बाद इस सीट पर टिकट को लेकर पार्टी के भीतर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, बदरीनाथ से विधायक राजेंद्र भंडारी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के नाम पर मंथन तेज हो गया है। यद्यपि, पूर्व मंत्री डा हरक सिंह रावत ने इस सीट पर प्रत्यक्ष दावेदारी में रुचि नहीं दिखाई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी के पैनल में उनका नाम भी सम्मिलित है। पार्टी अब जातीय संतुलन को साधने के फेर में भी है।

गणेश गोदियाल रहे मुद्दों पर मुखर

गढ़वाल संसदीय क्षेत्र पिछले कई वर्षों से राजनीति का केंद्र भी बना हुआ है। जोशीमठ में भूधंसाव हो या वनंतरा रिसार्ट की महिला कर्मचारी की हत्या का प्रकरण अथवा केदारनाथ धाम में मंदिर में सोने की परत चढ़ाने पर राजनीति, कांग्रेस खूब सक्रिय रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल इन मुद्दों को लेकर खासे मुखर रहे हैं।

हरीश रावत के करीबी हैं गोदियाल

गोदियाल कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य तो हैं ही, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भी करीबी भी माना जाता है। गणेश गोदियाल ने वर्ष 2019 में मनीष खंडूड़ी को कांग्रेस में लाने के दौरान सक्रिय भी रहे हैं। ऐसे में गढ़वाल सीट पर कांग्रेस के टिकट के दावेदारों में गोदियाल और मजबूत होकर उभरे हैं।

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