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कांग्रेस के दिग्गज नेता अजीज कुरैशी का निधन, तीन बड़े राज्यों के रह चुके हैं राज्यपाल

@शब्द दूत ब्यूरो (01 मार्च 2024)

कई बार अपने बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी कहे जाने वाले अजीज कुरैशी का शुक्रवार को निधन हो गया, वो 83 साल के थे. अजीज कुरैशी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उन्होंने भोपाल के अपोलो अस्पताल में सुबह 10.30 बजे आखिरी सांस ली. अजीज कुरैशी तीन राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं वहीं वो मध्य प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने कांग्रेस पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियों को निभाया था.

अजीज कुरैशी का जन्म 24 अप्रैल 1940 को भोपाल में हुआ था. वो मध्य प्रदेश चुनाव समिति से सचिव,भारतीय युवा कांग्रेस के संस्थापक सदस्य, एमपी मत्स्य विभाग निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं साथ ही अजीज कुरैशी को मध्य प्रदेश सरकार ने 24 जनवरी 2020 को एमपी उर्दू अकादमी का अध्यक्ष भी बनाया था.

इन राज्यों के राज्यपाल रह चुके हैं

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहने के साथ ही सन् 1984 के लोकसभा चुनाव में एमपी के सतना से लोकसभा के सांसद भी चुने गए थे. अजीज कुरैशी जिन तीन राज्यों के राज्यपाल भी रह चुके हैं. ये तीन राज्य हैं- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम. अजीज सबसे पहले साल 2012 में उत्तराखंड के राज्यपाल बने, उसके बाद साल 2014 में उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) बनाया गया जबकि 2015 में उन्हें मिजोरम का 15वां राज्यपाल बनाया गया था.

अजीज कुरैशी 1961 से 62 तक मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रचार प्रभारी थे, जनसंपर्क प्रकोष्ठ उनके जिम्मे था. सन् 1972 में वो विधायक बने और 72-75 तक सिंचाई मंत्री रहे. उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि थी. सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे. खासतौर पर कमजोर वर्ग के लोगों के सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत रहते थे.

कई बार दे चुके हैं विवादित बयान

अजीज कुरैशी का विवादित बयानों से भी नाता रहा है. वो केवल बीजेपी पर ही नहीं निशाना साधते थे बल्कि अपनी पार्टी कांग्रेस पर भी हमले बोलते थे. अजीज कुरैशी ने एक बार एमपी के विदिशा में कहा था- नेहरू के वारिस कांग्रेस के लोग आज धार्मिक यात्राएं निकाल रहे हैं. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा था कि मेरा बयान अगर किसी को चुभता है तो चाहें तो कांग्रेस से निकाल दें.

इसी तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बीजेपी को हराने के लिए शैतान से भी हाथ मिला लेने में कोई हर्ज नहीं. वहीं उन्होंने एक बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर लगाने की वकालत करके भी विवाद पैदा कर दिया था. उन्होंने कहा था जिन्ना का नाम लेना कोई गुनाह नहीं है.

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