@शब्द दूत ब्यूरो (20 दिसंबर 2023)
काशीपुर(नवल सारस्वत)। खुले में बिक रहे मीट मांस से आम लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। शहर के भीतर खास तौर पर हाट बाजारों में मीट की दुकानों पर बगैर किसी एहतियात के इसकी बिक्री की जा रही है।
ऐसी दुकानों को लेकर हिंदू संगठनों के नेताओं में आक्रोश है। उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद कुछ मांस विक्रेता इसकी अवहेलना कर रहे हैं। प्रखर हिन्दू नेता राजीव परनामी ने शहर के भीतर खुले में मीट बिकने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हाट बाजारों में जिस तरह से दुकानदार सड़क के किनारे खुलेआम मीट रखकर बेच रहे हैं उससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। बाजार में सब्जी आदि खरीदने जा रहे लोगों को मजबूरी में कटा हुआ मांस देखना पड़ रहा है जो कि सर्वथा अनुचित है। राजीव परनामी ने कहा कि ऐसी भी दुकानें हैं जो बगैर लाइसेंस के हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए।
मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के प्रधान पंडा विकास अग्निहोत्री ने भी खुले में मीट बिकने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर इस तरह से खुले में मीट बेचना न तो कानूनन उचित है और न ही धार्मिक रूप से। पंडा विकास अग्निहोत्री ने भी शासन प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमरजीत साहनी ने शब्द दूत को बताया कि प्रशासन समय-समय पर ऐसे दुकानदारों को आगाह करता रहा है। इसके बावजूद हाट बाजारों में बगैर लाइसेंस के मीट की दुकानें खुलती हैं। डॉ अमरजीत साहनी के मुताबिक हाट बाजारों में धूल और गंदगी के बीच खुला मीट बेचना आम जन के स्वास्थ्य के लिए घातक है। ऐसे मीट मांस के सेवन से आंतों को नुक़सान होता है। लीवर संबंधित बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभियान भी चलाया जायेगा।
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