बेंगलुरु। विक्रम लैंडर से सम्पर्क कराने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी इसरो की मदद को आगे आ गया है । बता दे कि लैंडर तक सिग्नल भेजने व संचार स्थापित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने डीप स्पेस नेटवर्क (डीएसएन) के साथ लगातार कोशिश कर रहा है। इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक़ अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) का जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) भी विक्रम को रेडियो सिग्नल भेज रहा है। यह प्रयास 20-21 सितंबर तक किए जाएंगे, जब सूरज की रोशनी उस क्षेत्र में होगी, जहां विक्रम उतरा है।
इसरो बेंगलुरु के पास बयालालू में अपने भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के जरिए विक्रम के साथ संचार स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।खगोलविद स्कॉट टायली के एक ट्वीट ने इस बारे में और अच्छी संभावनाओं की तरफ इशारा किया है। टायली वह खगोलविद हैं जिन्होंने 2018 में अमेरिका के मौसम उपग्रह (वैदर सैटेलाइट) को ढूंढ निकाला था। यह इमेज सैटेलाइट नासा द्वारा 2000 में लॉन्च की गई थी, जिसके पांच साल बाद इससे संपर्क टूट गया था।

Check Also
भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती, पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच अहम बातचीत,पीएम ने
🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (14 अप्रैल 2026) नई दिल्ली। भारत और अमेरिका …
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal