@शब्द दूत ब्यूरो (02 सितंबर 2023)
काशीपुर। नगर निगम काशीपुर की कार्यप्रणाली पर इन दिनों तमाम प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। जलभराव व सड़कों की बदहाल हालत को लेकर विपक्षी दल इतने सक्रिय नहीं हैं जितना कि भाजपा नेता। पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा और अन्य भाजपा नेता समय समय पर निगम को घेरते नजर आ रहे हैं। यही नहीं सीधे सीधे नगर निगम की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं।
इधर आज से चार वर्ष पूर्व नगर निगम की ओर से जसपुर खुर्द क्षेत्र में एक बारात घर बनाने की घोषणा हुई थी। तत्कालीन एम एन ए बंशीधर तिवारी (अब सूचना महानिदेशक) एक घोषणा नगर निगम की ओर से की थी। जिसमें कहा गया था कि जसपुर खुर्द क्षेत्र में नगर निगम की 10 हजार स्क्वायर फुट की जमीन पर एक बारात घर बनेगा। बारात घर डेढ़ करोड़ की लागत से बनना था। और एक वर्ष में यह तैयार हो जायेगा। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद बारात घर की यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। हालांकि जब मेयर ऊषा चौधरी से इस बारात घर के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं हुआ था। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने शब्द दूत को बताया कि उस समय यह योजना बनी थी। अब इस योजना का क्या हुआ यह उनकी जानकारी में नहीं है।
बारात घर जो प्रस्तावित था उसमें पांच छह सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ ही इसमें एक किचन, एक बड़ा हॉल, दूल्हा-दुल्हन के कमरे सहित पांच कमरे बनाए जाने थे। 14 वें वित्त आयोग के बजट से इसका निर्माण होना था। इसे काफी किफायती दर पर लोगों को दिया जाएगा। ताकि हर वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
आपको बता दें कि शहर में जितने मैरेज हॉल व वेडिग हॉल हैं वह काफी महंगे है। नगर निगम का हॉल बनने के बाद लोगों को काफी सुविधा मिलेगी और जश्न के लिए जगह भी खूब मिलेगी।
उधर जसपुर खुर्द के वार्ड नंबर 3 के पार्षद अनिल कुमार ने बताया कि उस वक्त यह बारात घर बनने की घोषणा हुई थी। बहल्ला नदी के समीप निगम की लगभग एक डेढ़ एकड़ जमीन पर इसे बनाया जाना था लेकिन तत्कालीन एम एन ए के ट्रांसफर के बाद इस बारात घर का क्या हुआ ये निगम ही जाने। हालांकि उन्होंने कहा कि पुरानी बात होने की वजह से मेयर इस बारे में भूल गयी होंगी।
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