@शब्द दूत ब्यूरो (18 अगस्त 2023)
काशीपुर। कभी कभी ऐसा कुछ लिखना पड़ता है जिसकी शुरुआत से कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है लेकिन फिर भी लिखना ज़रूरी है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता अभियान और कहीं लागू किया जा रहा है या नहीं लेकिन काशीपुर में तो ये लागू नहीं हो रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए अकेले नगर निगम या प्रशासन ही जिम्मेदार नहीं है आम नागरिक भी बराबर के जिम्मेदार हैं।
आज शब्द दूत ने शहर के एक हिस्से का सफाई व्यवस्था का हाल देखा और हाल बेहाल नजर आये। लगता है कि स्थानीय प्रशासन खासकर नगर निगम के अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं। साढ़े तीन बजे तक सड़क पर बिखरा हुआ कूड़ा साफ बता रहा है कि नगर निगम इस ओर से बेपरवाह है। कटोराताल आई हास्पिटल रोड पर लंबे समय से एक छोटा ट्रचिंग ग्राउंड बन गया है। हैरत की बात यह है कि आवारा गाय और पशु इस कूड़े में मुंह मारते दिखाई दे रहे हैं। कटोराताल पुलिस चौकी के ठीक पीछे काजीबाग ट्रांसफार्मर को जाने वाले रास्ते पर तो और भी बुरा हाल दिखाई देता है। मजे की बात यह है कि ठीक इस कूड़े के ढेर के ऊपर एक इश्तहार लगा है जिसमें काजीबाग को स्वच्छ व साफ रखने की अपील की गई है। इस अपील को यह कूड़े का ढेर मुंह चिढ़ाता सा लग रहा है।
रामनगर रोड चीमा चौराहे से आगे एक होटल के पास पड़े कूड़े के ढेर को देखकर स्वच्छ और साफ काशीपुर के नारे की हकीकत आप खुद जान सकते हैं। हालांकि काफी कुछ दोष स्थानीय नागरिकों का भी इसमें है लेकिन इसके बावजूद नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। और ये हाल तो शहर के एक छोटे से हिस्से का है। पूरे शहर की स्थिति तो और भी भयावह हो सकती है।
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