@शब्द दूत ब्यूरो (18 अगस्त, 2023)
चमोली जिले के थराली में रात से शुरू हुई भारी बारिश के बीच सोल घाटी के ऊपरी क्षेत्रों में चमक और तेज गर्जना के साथ हुई भारी बारिश से ब्रह्मताल सुपताल और भेकल ताल क्षेत्र में बादल फटने से पहाड़ के पहाड़ बहकर प्राणमति नदी में आ गए।
भारी बारिश के बाद नदी विकराल रूप से बहने लगी और नदी के साथ बड़े-बड़े बोल्डर और सैकड़ों पेड़ तिनके की तरह बहने लगे। नदी की गर्जना पांच किलोमीटर से अधिक दूर तक सुनाई दी। जैसे ही नदी में तेज आवाज आनी शुरू हुई थराली, कुलसारी, हरमनी में नदी किनारे रह रहे लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
थराली में पिंडर नदी के किनारे रहने वाले लोगों ने ग्वालदम थराली तिराहा और नासिर बाजार में जाकर रात बिताई। इससे पहले रविवार की रात को थराली गांव में प्राणमति नदी ने जो तबाही मचाई थी उससे भी अधिक मात्रा में मलबा फिर इस क्षेत्र में घुसा और फिर से सैलाब आ गया।
इससे पहले थराली और सुना को जोड़ने वाला मोटर पुल और झूला पुल प्राणणमति नदी के सैलाब में बह गया था। जिसके बाद ग्रामीणों ने यहां पर अस्थाई पुल का निर्माण किया था, लेकिन बुधवार की रात को प्राणमति नदी में फिर से आई बाढ़ में यह पुल बह गया।
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