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काशीपुर बार एसोसिएशन अध्यक्ष बहुचर्चित मामला नया मोड़: पर्वतीय समाज का आक्रोश कुछ और रूप लेने लगा है? सोशल मीडिया पर की स्थिति साफ

@शब्द दूत ब्यूरो (18 अगस्त 2023)

काशीपुर।  आक्रोश पर्वतीय समाज में, अधिवक्ता ने पुलिस कर्मी को कहे अपशब्द, मामला अब तूल पकड़ रहा है। आक्रोश रैली के बाद बीते रोज हुई पर्वतीय समाज की एक और बैठक के बाद ये मामला फिर गरमा गया है।

हालांकि जिस मामले को लेकर पर्वतीय समाज में भारी आक्रोश है। उस मामले में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को न्यायालय द्वारा जमानत दे दी गई है।

इस मामले में आज एक नया मोड़ आ गया है। विरोध में खड़े हुए पर्वतीय समाज की आक्रोश रैली को लेकर इसके प्रमुख आयोजक मनोनीत पार्षद की ओर से सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया गया है। खास बात यह है कि पर्वतीय समाज के कई वरिष्ठ नेता आक्रोश रैली और बैठक में शामिल तो हुये हैं पर उनकी ओर से इस मामले को लेकर कोई विशेष प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यहां बता दें वह इस मामले में साथ तो हैं पर अपने राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संयम बरता है।

इधर इस मामले को लेकर शहर में जो प्रतिक्रिया आ रहीं हैं उनका संदेश कोई अच्छा नहीं जा रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए पार्षद पुष्कर बिष्ट को आज सोशल मीडिया पर एक मैसेज किया है।

मैसेज में कहा गया कि “समस्त उत्तराखंड वासियों को मेरा नमस्कार मैं सभी लोगों से यह विनम्र निवेदन करता हूं कि हमारे समाज द्वारा जन आक्रोश रैली निकाली गई थी उसे रैली का उद्देश्य किसी धर्म जाति समाज से नहीं है हमारा उसे व्यक्ति से रोष है जिसने हमारे समाज को गाली दी है सभी लोगों से मेरा विनम्र निवेदन है इस रोष को कोई और रूप देने की कोशिश ना करें धन्यवाद –जय देव भूमि -जय उत्तराखंड — भारत माता की जय-आपका पुष्कर सिंह बिष्ट”

सवाल यह है कि आखिर कौन है जो इस मामले को कुछ और रूप देने की कोशिश कर रहा है? एक पुलिस कर्मी से हुई अभद्रता एकाएक पर्वतीय और बार अध्यक्ष के बीच की लड़ाई आखिर कैसे बनी?

 

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