@शब्द दूत ब्यूरो (31 जुलाई, 2023)
बीएल संतोष राजधानी देहरादून में थे और नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। संतोष संघ के पदाधिकारियों से भी मिल राज्य की स्थिति का भी जायजा ले रहे थे, ऐसे समय में मुख्यमंत्री धामी को दिल्ली क्यों जाना पड़ा? क्या बीजेपी में सबकुछ ठीक है? आखिर क्यों अचानक हलचल तेज हुई है? फिलहाल बीजेपी इस पर ज्यादा बात करने से बच रही है लेकिन अंदर खाने कुछ ऐसा जरूर हुआ है जो बैचेनी बढ़ाने वाला है।
धामी का दिल्ली दौरा आनन-फानन में तय हुआ। जब राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रविवार को देहरादून पहुंचे और कोर कमेटी की बैठक ली उसके फौरन बाद धामी दिल्ली रवाना हुए। सवाल ये है कि क्या धामी को दिल्ली तलब किया गया? क्योंकि वो पहले भी तीन दिन तक दिल्ली में डेरा डाले हुए थे, तब भी उनकी मुलाकात कुछ केंद्रीय मंत्रियों से हुई थी। एसे में अचानक फिर से दिल्ली की ओर दौड़ना सियासी लिहाज से इतना सामान्य नहीं हो सकता। अब वजह क्या है इसे लेकर ही बीजेपी की अंदरूनी सियासत भी गर्म है।
चर्चा इस बात को लेकर भी है कि कैबिनेट फेरबदल को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है मगर क्या होगा कब होगा इस पर सिर्फ अटकलें ही हैं। हालांकि कुछ मंत्रियों और विधायकों के बयानों से ये संकेत जरूर मिल रहे हैं कि जल्द ही कुछ तो होने वाला है।
जुलाई के महीने में ही धामी दूसरी बार पीएम से मिलने पहुंचे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जुलाई महीने में ही प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतनी जल्दी मुलाकात की नौबत क्यों? प्रदेश में चार मंत्रिपद खाली चल रहे हैं। लिहाजा मंत्रिमंडल का विस्तार अवश्यंभावी है। कहा ये भी जा रहा है कि धामी के मंत्री उन्हें तरजीह नहीं दे रहे। तो क्या धामी आलाकमान से मनचाहे मंत्रिमंडल की गुहार लगाने दिल्ली गए हैं।
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