@शब्द दूत ब्यूरो (02 जुलाई 2023)
काशीपुर। श्मशान घाट को लेकर पिछले दो दिनों से शहर में विवादित स्थिति पर के के अग्रवाल एडवोकेट ने काशीपुर कल्याण मंच की बैठक में लिये गये निर्णयों को लेकर एक बयान जारी किया है।
दरअसल पिछले दिनों काशीपुर कल्याण मंच की एक बैठक में नगर में बढ़ रही जनसंख्या को एक और श्मशान घाट बनाने की मांग की गई थी। इस बीच बैठक के बाद शहर में यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि काशीपुर कल्याण मंच ने तीर्थ द्रोणासागर में श्मशान घाट बनाने की मांग की है। इस चर्चा के बाद बवाल मच गया और सोशल मीडिया पर इस मांग की कड़ी आलोचना शुरू हो गई। पर क्या वास्तव में उस बैठक में ऐसा हुआ था? बैठक में मौजूद वरिष्ठ हिंदू नेता कृष्ण कुमार अग्रवाल एडवोकेट ने स्थिति साफ कर दी है।
के के अग्रवाल एडवोकेट ने एक बयान जारी कर कहा कि रविवार की सायं श्री अग्रवाल सभा में काशीपुर कल्याण मंच द्वारा आहूत बैठक में, नगर में बढ़ती जनसंस्था और मात्र एक शमशान घाट (श्री गंगेबाबा मार्ग-ढेलापुल के पास) जो बाजपुर रोड व आसपास बनी नई कालोनियों के हिन्दू जन के लिये ‘दूर पड़ता है। साथ ही बाजपुर दोड पर प्रियामाल के सामने, बनास जा रहे रेलवे फ्लाई ओवर के कारण, शवों को लेकर पहुँच पाना दुष्कर हो गया है, आदि समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, एक नये श्मशान घाट की आवश्यकता पर गम्भीरता से विचार किया गया। इस हेतु उचित भूमि, सभी आवश्यताओं से पूर्ण और रखरखाव हेतु एक समिति के गठन पर भी विचार किया गया।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पिछले दो दिनों से हमारे कुछ शुभचिंतकों ने, नये श्मशान घाट की मांग का समर्थन करने के स्थान पर, बैठक में भाग लेने वाले मित्रों की बुद्धि पर ही प्रश्न चिन्ह लगाना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पूरी बैठक में किसी भी व्यक्ति ने नये श्मशान घाट के लिए तीर्थ द्रोणासागर का नाम नहीं लिया।इस विवाद पर दुःख जताते हुए उन्होंने कहा कि हम इसे दुर्भाग्य ही मानते हैं कि हमारे शुभचिंतको को हम लोगों से इस विषय की सत्यता जान लेने में क्यों शर्म आई ?एक किसी एक से भी फोन करना उचित नहीं समझा ताकि हमारे व्यक्तित्व पर, हमारी बुद्धि पर, प्रश्न चिंह न लगाना पड़ता।
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