@शब्द दूत ब्यूरो (26 जून 2023)
केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को सोने से मंडित करने को लेकर चार धाम महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी के एक वीडियो से पूरे सूबे में सनसनी मची हुई है। हालांकि बीकेटीसी ने सोने के पीतल होने के दावों का साफ तौर पर खंडन कर दिया है।यही नहीं इस मामले में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जांच के भी आदेश दे दिए हैं।
केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को बीते साल 24 अक्टूबर को सोने से मंडित किया गया था। उस वक्त 230 किलो सोना मुंबई के एक कारोबारी द्वारा दान दिया गया था। हालांकि अब बीकेटीसी का कहना है कि 23777 ग्राम सोना दान दिया गया था। 24 अक्टूबर 2022 का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें सोने की प्लेटें ले जाते लोग दिखाई दे रहे हैं।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से जारी बयान में इस आरोप को भ्रामक बताकर इसका खंडन कर दिया गया है। समिति के अधिकारी आरसी तिवारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह के दीवारों एवं जलेरी को स्वर्णमंडित करवाने का काम साल 2022 में एक दानदाता के सौजन्य से कराया गया था।
बयान में कहा गया है कि वर्तमान में कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया में वीडियो प्रसारित किया जा रहा है कि एक अरब 15 करोड़ रुपए का सोना मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया है। मंदिर प्रशासन ने साफ कहा कि मंदिर में 23,77.8 ग्राम सोना गर्भगृह में लगाया गया है, जिसकी वर्तमान बाजार मूल्य 14.38 करोड़ रुपए है।
हालांकि सच क्या है ये तो जांच के बाद ही साफ हो पायेगा। लेकिन जब श्री केदारनाथ धाम को सोने से मंडित किया गया था तो उस समय 230 किलो सोना दान किये जाने की खबरें चली थीं। आश्चर्यजनक बात यह है कि 230 किलो सोने की खबरें चलीं और उस वक्त न तो सरकार और न मंदिर समिति ने उनका खंडन किया था।अब जब विवाद उठा तो मंदिर समिति की ओर से खंडन जारी किया गया।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal