@शब्द दूत ब्यूरो (23 जून, 2023)
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि वह विपक्ष के नेता के रूप में सत्य के रास्ते पर चलते रहेंगे। सीबीआई के नोटिस पर अपने समर्थकों की चिंता को लेकर उन्होंने भावुक अंदाज में एक वीडियो जारी किया है।
वीडियो में हरीश रावत ने कहा कि 2016 में उनके खिलाफ जिन लोगों ने महाषडयंत्र रचा वो ऐसा करते रहेंगे। लेकिन वह कभी भी सत्य के रास्ते से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की भलाई के लिए जनहित के जो काम उनकी सरकार ने शुरू किये थे उन्हें रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के रूप में वह सत्य बोलते रहेंगे। उत्तराखंड की तरक्की के रास्ते को ऐसे षड्यंत्र कारी लोगों ने खंडित कर दिया।
बता दें कि उत्तराखंड में स्टिंग का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, स्टिंग से जुड़े सीबीआई मामले में पूर्व मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत क्या कह रहे हैं, उन्हें मालूम नहीं है, लेकिन इतना जरूर है, चोरी, डकैती भी हमारे घर पर पड़ी और मुल्जिम भी हम हैं। सब सत्ता का खेल है। कहा, सीबीआई कोर्ट से नोटिस मिलने पर कानून का पालन किया जाएगा। दल बदल भी हमारे यहां हुआ और जिसे इससे लाभ मिला, उसके खिलाफ कुछ नहीं हुआ।
गौरतलब है कि प्रदेश में राज्यपाल की सिफारिश के बाद 27 मार्च 2016 को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था। 11 मई 2019 को हरीश रावत के विश्वासमत हासिल करने पर सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन हटा दिया था।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का कहना है, उन्हें सीबीआई कोर्ट से अब तक कोई नोटिस नहीं मिला। यदि कोर्ट से नोटिस मिलेगा तो उस पर अमल किया जाएगा। सीबीआई हो या कोर्ट उसके आदेश का पालन किया जाएगा। द्वाराहाट से विधायक मदन सिंह बिष्ट ने भी नोटिस न मिलने की बात कही है। हालांकि खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार से इस संबंध में प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हुआ।
बता दें कि प्रदेश में वर्ष 2016 में बहुचर्चित स्टिंग ऑपरेशन के मामले में सीबीआई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत, विधायक मदन सिंह बिष्ट और विधायक उमेश कुमार को नोटिस जारी किया है।
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