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प्रसंगवश: कैबिनेट मंत्री ने धामी सरकार की क्यों कराई किरकिरी,कुछ सुलगते सवाल

@विनोद भगत

उत्तराखंड के इतिहास में प्रेमचंद अग्रवाल शायद ऐसे पहले कैबिनेट मंत्री बन गये हैं जिन पर सड़क पर चलते हुए किसी ने हमला करने का दुस्साहस किया है इतना ही नहीं गाली गलौज के बाद उनका कुर्ता भी फाड़ दिया। खुद मंत्री ने ऐसा बोला है। मंत्री ने सूबे की धामी सरकार पर ही इस घटना के बाद दिये गये अपने बयानों से प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।

जी हां, जहां सरकार के दावे हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बढ़िया है तो कैबिनेट मंत्री ने खुलकर गुंडागर्दी की बात कहकर सरकार के लिए ही मुश्किल खड़ी कर दी है। अब गुंडागर्दी की बात मंत्री तब कह रहे हैं जब खुद उनके साथ ऐसा हुआ है। वहीं कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जिस तरह से सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ अपने संबंधों की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वह उसको अच्छा कार्यकर्ता समझते थे उसके कहने पर सड़क को देखने भी गये। मतलब साफ है कि प्रेमचंद अग्रवाल भली भांति सुरेंद्र सिंह नेगी से परिचित रहे हैं। आखिर अचानक ऐसी क्या नौबत आई जो बात यहां तक पहुंची कि देवभूमि में यही के रहने वाले के साथ कैबिनेट मंत्री की हाथापाई होती है।

घटना के वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैबिनेट मंत्री सुरक्षा कर्मियों के साथ सुरेंद्र सिंह नेगी पर हाथ साफ कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामय पद पर रहे कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के साथ सुरक्षा कर्मी भी थे। ऐसे में खुद उन्हें युवक पर हाथ उठाने की क्या आवश्यकता पड़ी? आखिर एक मंत्री सड़क पर खुलेआम इस तरह की हरकत करते दिखाई दिया। इससे पूरे देश में देवभूमि के मंत्री को लेकर क्या कोई अच्छा संदेश गया है?

आरोपी युवक सुरेंद्र सिंह नेगी का गाली गलौज करना और कैबिनेट मंत्री के साथ दुर्व्यवहार करना किसी भी दृष्टि से क्षमा योग्य नहीं है। उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी को भी ऐसा दुस्साहस करने की हिम्मत न हो सके।

पर सवाल फिर भी वही जब मंत्री खुद उसे सरेआम पीटने लगे तो सुरक्षा कर्मियों की आवश्यकता क्यों? अब इस मामले में सुरक्षा कर्मी और गनर पर भी मुकदमा दर्ज हो गया है। बता दें कि गनर और सुरक्षा कर्मियों का जो काम मंत्री की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है उन्होंने उस वक्त वही किया। और अपने काम को ही अंजाम देना उन्हें महंगा पड़ गया। जरा सोचिए अगर उस वक्त सुरक्षा कर्मी चुपचाप खड़े रहते तो भी उन्हें कर्तव्य में लापरवाही पर सजा मिलती।

दरअसल ये मामला रहस्यमय हो गया है। आखिर क्यों युवक ने कैबिनेट मंत्री को गाली दी जैसा कि मंत्री स्वयं कह रहे हैं।

वीडियो में युवक को पीटते हुए कौन कौन दिखाई दे रहा है यह कहने की आवश्यकता नहीं है।

उधर सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस घटना पर गंभीर हैं। उन्होंने मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को तलब भी कर लिया है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का यह मामला प्रदेश सरकार छवि के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सीएम धामी ने पिछले कुछ समय से जिस तरह से सरकार की अच्छी छवि बनाई है, प्रेमचंद अग्रवाल का यह प्रकरण उस छवि पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।

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