@शब्द दूत ब्यूरो (26 फरवरी 2023)
अल्मोड़ा। होली का त्यौहार देशभर में खास उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। उत्तराखंड के कुमाऊं में बसंत पंचमी से ही लोग होली के रंगों में डूब जाते हैं। होली गायन की बैठकों की कुमाऊं में खास परंपरा और महत्व है।
अल्मोड़ा को उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां रंगमंच और विभिन्न त्यौहारों को अलग अंदाज में मनाया जाता है। यहां की बैठकी होली सैकड़ों साल पुरानी है।काफी साल पुरानी है। शास्त्रीय संगीतों पर आधारित होली गीत हों या महिलाओं की होली बड़े आनन्द और उत्साह के साथ मनायी जाती है। दूर दूर से लोग यहां की परंपरागत होली को देखने आते हैं।
महिलाओं की होली मनाने का एक अलग ही अंदाज यहां देखने को मिलता है। इसमें महिलाएं टोलियां बनाकर घर-घर जाती हैं और होली गायन करती हैं। इस होली गायन मे बैठकी होली, खड़ी होली, होली नृत्य और स्वांग प्रस्तुत किए जाते हैं. बीते रोज यहां एक ऐसी ही एक बैठकी में महिलाओं ने स्वांग रचते हुए प्रेस रिपोर्टर और नेताओं की भूमिका निभाई।
इन दिनों अल्मोड़ा नगरी में होली की धूम शुरू हो चुकी है, जिसमें अल्मोड़ा की महिलाओं की अहम भूमिका रहती है।
बताया जाता है कि महिलाओं के समूह में करीब 10 लोग रहते हैं। महिलाएं एक महीने पहले से ही होली की तैयारियों में वह जुट जाती हैं। इसके अलावा घर या फिर कोई भी कार्यक्रम हो उनमें जाकर वह होली की प्रस्तुति देती हैं।
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