@विनोद भगत
काशीपुर(08फरवरी 2023)। क्लीन एंड ग्रीन नाम की दो संस्थाये हैं काशीपुर में। दोनों ही संस्थायें समय समय पर शहर में कार्यक्रम कराती हैं। कार्यक्रमों में शहर को क्लीन एंड ग्रीन रखने के लिए बड़ी बड़ी बाते की जाती हैं। राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित करते हुए स्मृति चिन्ह देते हुए फोटो खिंचवाने की रस्म अदायगी की जाती है।
दरअसल ये बातें इसलिए याद दिलानी पड़ रही है कि स्वच्छता और पर्यावरण का संदेश देने वाली ये दोनों संस्थाओं को काशीपुर का धार्मिक और पौराणिक स्थल गिरीताल या तो दिखाईं नहीं देता या फिर सत्ताधीशों का वरदहस्त पाने के लिए ये दिखावटी कार्यक्रम तक ही सीमित रहना चाहते हैं। आज गिरीताल की जो स्थिति है उसे देखते हुए इन संस्थाओं की उपयोगिता व्यर्थ साबित हो रही है। कई किलोमीटर की रेस कराने या फिर दूसरी संस्था के द्वारा अपने पदाधिकारियों की फोटो मंत्री के साथ खिंचाने या किसी कैबिनेट मंत्री का स्वागत करने तक ही सीमित रहने से शहर के कौन से पर्यावरण को संरक्षित किया जा रहा है?ये ढूंढ़ना पड़ेगा।
गिरीताल शहर का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।पर इन दोनों संस्थाओं की ओर से ऐसी एक भी पहल नहीं की जाती। इससे लगता है कि पर्यावरण संरक्षण से कहीं ज्यादा इन संस्थाओं के पदाधिकारियों को खुद को समाज में पर्यावरण संरक्षण का वाहक साबित करने की होड़ लगी है।अब पर्यावरण कितना इन संस्थाओं द्वारा संरक्षित किया गया है यह गिरीताल को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।
शासन प्रशासन की बात छोड़ दीजिए इन निजी संस्थाओं का उद्देश्य आखिर है क्या?इस पर विचार जरूर करना होगा।
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