@शब्द दूत ब्यूरो (09 जनवरी 2023)
काशीपुर । ए आर टी ओ कार्यालय की कारगुजारियां संदेह के घेरे में हैं। पिछले दिनों एक चोरी के वाहन के रजिस्ट्रेशन को लेकर काशीपुर का परिवहन कार्यालय काफी चर्चाओं में रहा लेकिन स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर शहर में प्राइवेट कारों के टैक्सी के रूप में चलने को लेकर एक बार फिर ये कार्यालय चर्चाओं में आ गया है।
बता दें कि काशीपुर में तमाम निजी वाहन परिवहन विभाग की मेहरबानी से ‘टैक्सी’ के रूप में सरपट सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन निजी वाहनों के पास कोई टैक्सी परमिट नहीं है। इसके बाद भी विभाग कार्रवाई करने से कतरा है।अनाधिकृत रूप से चल रहे निजी वाहनों पर विभागीय लगाम नहीं होने से यह वाहन टैक्सी परमिट वाले वाहनों को चूना लगा रहे हैं। शहर में बिना टैक्सी परमिट के बड़ी संख्या में निजी कारें चल रही हैं। इनके पास किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। इसके बाद भी प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर निजी कार मालिक चांदी कूट रहे हैं।
निजी कार मालिक जिनके पास टैक्सी संचालन का परमिट नहीं है, उपभोक्ताओं से मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। वहीं टैक्स जमा नहीं कराकर परिवहन विभाग को भी लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। इन सबसे बेखबर परिवहन के अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हैं। टैक्सी स्टैण्ड पर अधिकांश कारों की नंबर प्लेट पर प्राइवेट नंबर डले हैं। यह निजी कार संचालक लोगों से मनमर्जी से किराया तय करते हैं।
निजी कार को टैक्सी के रूप में चलाने से सरकार को तो राजस्व का चूना लगता ही है साथ ही सवारियों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। यदि किसी निजी नंबर की कार बिना टैक्सी परमिट के चल रही है और वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो इसमें बैठे किसी भी यात्री को दुर्घटना बीमा देय नहीं होगा। बीमा के लिए नियमों के अनुसार कार टैक्सी परमिट होना अनिवार्य है।बड़ी संख्या में कारें बिना टैक्सी नंबर के दौडऩे से परिवहन विभाग को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। यहां ज्यादातर कारें बिना परमिट लिए नियमों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रही हैं।
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