@शब्द दूत ब्यूरो (03 जनवरी , 2022)
नैनीताल की लोअर माल रोड पर हो रहे भू-धंसाव के चलते एक बार फिर ये आशंका जताई जा रही है कि कहीं पहले से क्षतिग्रस्त क्षेत्र झील में न समा जाए। इसकी सबसे बड़ी वजह लोअर माल रोड का चार साल से स्थायी ट्रीटमेंट न हो पाना है। पिछले साल जुलाई में हुई बारिश के बाद विभाग ने लोअर माल रोड में दरार और भू धंसाव को कंक्रीट व डामर से भर दिया था लेकिन अब फिर से सड़क में भू-धंसाव और दरारें नजर आने लगी हैं।
इतना होने के बाद भी शासन ने लोअर माल रोड की स्थायी मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया है। वर्ष 2018 में लोअर माल रोड का 25 मीटर हिस्सा टूटकर झील में समा गया था जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने 82 लाख रुपये के बजट से झील में बेस बनाकर मशीन से ड्रीलिंग और पाइप डालकर अस्थायी ट्रीटमेंट किया था।
चार साल तक माल रोड अस्थायी समाधान के भरोसे टिकी रही। तब विभाग ने कई भूगर्भ विशेषज्ञों से क्षेत्र का सर्वे भी कराया जिसके बाद सड़क के स्थायी उपचार के लिए कई योजनाएं बनाई गईं। पिछले साल जुलाई में लोअर माल रोड के क्षतिग्रस्त हिस्से में फिर करीब दस मीटर तक दरारें आ गई थीं।
हालांकि लोनिवि ने कंक्रीट डालकर दरारों को भर दिया था। इसके अलावा लोनिवि ने लोअर माल रोड में आईं दरारों की मरम्मत के लिए निविदा जारी की लेकिन किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरा। अब फिर लोअर माल रोड में दरारें और भू-धंसाव दिखने लगा है।
ख़ास बात ये है कि टिहरी हाइड्रो डवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने भी पिछले साल लोअर माल रोड के क्षतिग्रस्त हिस्से का प्राथमिक उपचार करने का सुझाव दिया था। इस पर लोनिवि के अधिकारियों ने सवा करोड़ की लागत से क्षतिग्रस्त हिस्से का प्राथमिक उपचार करने की बात कही थी लेकिन अभी तक प्राथमिक उपचार का काम भी शुरू नहीं हो पाया।
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