@शब्द दूत ब्यूरो (20 नवंबर 2022)
काशीपुर । राज्य में अवैध बस अड्डों का संचालन बेधड़क किया जा रहा है। अभी हाल ही में देहरादून में भी एक अवैध बस अड्डे का भंडाफोड़ हुआ है। काशीपुर में भी पिछले कई वर्षों से धड़ल्ले से अवैध रूप से बसों का संचालन किया जा रहा है।
काशीपुर में चल रही इन अवैध बसों को किसका संरक्षण मिला हुआ है? यह अपने आप में गहन जांच का विषय है। मजे की बात यह है कि दिल्ली जाने वाले अधिकांश यात्री परिवहन विभाग की बसों से ज्यादा इन बसों में यात्रा करना पसंद करते हैं। दरअसल रोडवेज के मुकाबले ये बसें जल्दी और समय पर दिल्ली तक की यात्रा कराती हैं।
सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से संचालित हो रही इन बसों के बारे में परिवहन विभाग को भी ये जानकारी है। इसके बावजूद इन अवैध रूप से संचालित हो रही बसों के मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आखिर क्यों? इन अवैध बसों में यात्रा करने वाले अधिकांश व्यापारी बताये जाते हैं।
काशीपुर से लेकर दिल्ली तक संचालित हो रही इन बसों की चैकिंग आज तक नहीं हुई। ये भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी है। जिसे विभागीय अधिकारी रोज पढ़ रहे हैं। इस कहानी से उन्हें कोई न कोई फायदा होता है। और जिस कहानी से फायदा हो वह पढ़ने में अच्छी लगती है। इन बसों के निर्धारित अड्डे भी बने हुये हैं। महाराणा प्रताप चौक के आसपास सुबह के समय से इनका नियमित संचालन बदस्तूर जारी है। एक बार को परिवहन विभाग की बस निरस्त हो सकती है लेकिन इन अवैध बसों का समय निश्चित है। परिवहन विभाग को लाखों की चपत लग रही है लेकिन अधिकारी मौन हैं।
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