@शब्द दूत ब्यूरो (10 सितंबर 2022)
काशीपुर। भारत रत्न पं गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर आयोजित समारोह में भारी बारिश के बीच पंत पार्क में जमा हुये लोगों ने अपने अपने तरीके से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं शहर के युवा समाजसेवी गगन कांबोज ने वहां मौजूद लोगों के बीच पं गोविन्द बल्लभ पंत को श्रद्धांजलि देते हुए अपने संबोधन से सबको निरूत्तर कर दिया। गगन कांबोज ने कहा कि पं गोविन्द बल्लभ पंत को अगर वास्तव में स्मरण करना है तो उनके आदर्शों को जीवन में पहले उतारिए। गगन कांबोज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सादगी और ईमानदारी का जीवन जीने वाले पं पंत इतने बड़े पद पर होने के बावजूद कभी भी सरकारी धन या समय की बर्बादी नहीं करते थे। यहाँ तक कि एक मीटिंग के दौरान हुये चाय नाश्ते का बिल जब सरकारी फंड से अदा करने को उनके सामने लाया गया तो उन्होंने इंकार कर दिया। और बोले कि यह मेरा निजी कार्यक्रम है इसका बिल सरकार कैसे दे सकती है।
गगन कांबोज ने मौजूदा राजनीति पर भी तंज कसे। खासकर उत्तराखंड राज्य में हर छह महीने में मुख्यमंत्री बदलने की जो परंपरा निभाई जाती है उससे पं पंत के आदर्श कहाँ स्थापित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री बदलते ही पूरे राज्य की सड़कों पर होल्डिंग और बैनर लगा दिये जाते हैं। चलन यह हो गया है कि जब तक ऐसा न किया जाए तब तक मुख्यमंत्री की मान्यता नहीं है। कांबोज ने कहा कि आज जब हम यहाँ एकत्र हुए हैं तो पं पंत जैसे महापुरुषों की सोच लेकर जायें। आज महापुरुष हमारे बीच नहीं हैं तो उनकी सोच भी मर गई है इस पर विचार करना होगा।
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