@शब्द दूत ब्यूरो (02 जून, 2022)
पूर्वघोषित ग्रीष्मकालीन बजट सत्र गैरसैंण की बजाय देहरादून में आहूत करने के राज्य सरकार के फैसले पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने धामी सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे विधानसभा की अवमानना और विशेषाधिकार का हनन बताया है। रावत ने विपक्ष से सदन में पहले दिन ही सीएम और संसदीय कार्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की अपील की है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित नहीं करने को लेकर बहाने बना रही है। खुद को राज्य आंदोलन का पुरोधा कहने वालों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा संचालन का बहाना बनाकर बजट सत्र देहरादून में आयोजित करने की वकालत करने वाले आंदोलनकारियों की शहादतों को भूल रहे हैं।
हरीश रावत ने कहा कि जब तक राजधानी स्थायी रूप से गैरसैंण नहीं चली जाती तब तक वहीं हर साल बजट सत्र आहूत करने का संकल्प उत्तराखंड की विधानसभा में पारित हुआ है। लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी और उनके संसदीय कार्यमंत्री यह भूल चुके हैं। उन्होनें कहा कि ऐसे में लगता है कि इसवर्ष गैरसैंण में विधानसभा का कोई भी सत्र आयोजित नहीं किया जाएगा।
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