@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (19 मई, 2022)
मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मस्जिद विवाद पर भी अदालत में सुनवाई होगी। मथुरा की जिला अदालत ने सूट चलाने की इजाजत दे दी है। सिविल जज के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर जिला अदालत ने ये फैसला सुनाया है। इस प्रकार कृष्ण जन्मभूमि से सटी ईदगाह मस्जिद को हटाने की याचिका पर अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है।
मथुरा जिला अदालत में कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मस्जिद विवाद में छह मई को सुनवाई पूरी हो गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। याचिका में भगवान कृष्ण विराजमान की ओर से श्री कृष्ण जन्म स्थान की 13.37 एकड़ जमीन वापस दिलाने की गुहार अदालत से लगाई गई है। दावा किया गया है कि इसके बड़े हिस्से पर करीब चार सौ साल पहले औरंगजेब के फरमान से मंदिर ढहाने के बाद केशवदेव टीले और भूमि पर अवैध कब्जा कर शाही ईदगाह मस्जिद बनाई गई।
इस याचिका में भी संसद से पारित धर्मस्थल कानून (प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट) 1991 को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि धर्म स्थलों का प्रबंधन और कानून व्यवस्था ये सब राज्य सूची का विषय है। इस बाबत कानून और नियम बनाने का अख्तियार राज्य सरकारों को ही है। ऐसे में संसद ने ये कानून बनाकर राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया है।
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