@शब्द दूत ब्यूरो (12 मई, 2022)
उत्तराखंड राज्य में एक बुजुर्ग दंपति की ओर से पोते या पोती के लिए अपने बेटे पर मुकदमा करने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। वादी एसआर प्रसाद ने उत्तराखंड की एक कोर्ट में कहा, ‘हम सिर्फ एक पोता या पोती चाहते हैं।’ पोते को लेकर इनकी चाहत इस कदर है कि वे अपने बेटे और बहू पर एक साल के अंदर पोता या पांच करोड़ रुपये के मुआवजे का केस कर रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि बेटे को शिक्षा और अमेरिका में उसकी ट्रेनिंग के लिए के लिए पैसों का इंतजाम करने के बाद उनके पास कोई भी राशि शेष नहीं बची है। प्रसाद ने कहा, ‘हमने पोते-पोतियों की उम्मीद में बेटे की 2016 में शादी की थी। पोता हो या पोती, हमें इसकी परवाह नहीं। हम केवल ‘बच्चा’ चाहते थे।’
उन्होंने कहा, ‘मैंने बेटे को अपनी सारी राशि दे दी, उसे अमेरिका में ट्रेनिंग कराई। अब मेरे पास पैसे नहीं है। हमने घर बनाने के लिए भी बैंक से लोन लिया है। हम आर्थिक और निजी तौर पर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हमने अपनी याचिका में बेटे-बहू, प्रत्येक से ढाई करोड़ रुपये की मांग की है।’
प्रसाद के वकील ने उनके बेटे के खिलाफ याचिका में कहा है कि यह केस समाज की कड़वी सच्चाई को दर्शाता है। “हम अपने बच्चों पर निवेश करके उन्हें अच्छी कंपनी में काम करने लायक बनाते हैं। बच्चों की अपनी माता पिता की मूल वित्तीय की जिम्मेदारी होती है। माता-पिता ने या तो एक माह में पोते/पोती या पांच करोड़ रुपये (बेटे-बहू से ढाई-ढाई करोड़ रुपये ) के मुआवजे की मांग की है।”
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal