@शब्द दूत ब्यूरो (10 मई, 2022)
बद्रीनाथ धाम तीन चाबियों से खुलता है, ये तीनों चाबियां अलग-अलग लोगों के पास होती हैं। एक चाबी टिहरी राज परिवार के कुल पुरोहित के पास है, जो नौटियाल परिवार से आते हैं। दूसरी बद्रीनाथ धाम के हक हकूक धारी में शामिल मेहता लोगों के पास है। तीसरी हक हकूकधारी भंडारी लोगों के पास होती है। तीनों चाबियों को लगाकर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।
कपाट खुलने पर सबसे पहले रावल प्रवेश करते हैं। वे गर्भगृह में जाते हैं। सबसे पहले भगवान की मूर्ति से घृत कंबल को हटाया जाता है। यह वस्त्र माणा गांव की कुंवारी लड़कियों द्वारा कपाट बंद होते वक्त तैयार किया जाता है। कपाट बंद होते समय ही भगवान की मूर्ति में घी का लेप लगाया जाता है। इसलिए कपाट खोलने के बाद सबसे पहले इसे हटाया जाता है। मान्यता है कि अगर मूर्ति घी में पूरी तरह लिपटी है, तो उस साल देश में खुशहाली रहेगी। घी कम है तो सूखा या अत्यधिक बारिश के हालात रह सकते हैं।
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