@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (09 मई, 2022)
दाल, चावल, तेल, मसाले, घी, मिठाई जैसी खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट की खबरें आपने सुनी ही होंगी। खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट की शिकायत लेकर कई लोग पुलिस के पास जाते हैं या कंज़्यूमर कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हैं। ताज़ा दिखाने के लिए फल और सब्ज़ियों को भी रंगा जाता है या उनमें केमिकल मिलाया जाता है।
शराब और दवाई तक में मिलावट होती है। ज़हरीली शराब पीने से कई मासूम ज़िन्दगियां बर्बाद होने की भी खबरें आपने सुनी ही होंगी। क्या कभी आपने शराब में मिलावट की शिकायत लेकर किसी को पुलिस के पास जाते देखा या सुना है? मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही हुआ है।
मध्य प्रदेश कर ज़िला उज्जैन का एक शख़्स अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा। आम सी लगने वाली ये घटना शायद इस देश में पहली कभी न घटी हो। उज्जैन के बहादुर गंज के आर्य समाज मार्ग पर रहने वाले लोकेंद्र सोठिया को शराब पीने की आदत है। इस शख़्स का कहना था कि उसने दो बोतल देसी शराब पी लेकिन उसे ज़रा सा भी नशा नहीं हुआ। असंतुष्ट शराबी थाने पहुंच गया।
लोकेंद्र ने क्षीर सागर क्षेत्र के एक शराब की दुकान से चार क्वार्टर शराब खरीदे। लोकेंद्र का आरोप है कि दो क्वार्टर शराब पीने के बाद उसे थोड़ा सा भी नशा नहीं हुआ लोकेंद्र ने बताया कि वो 20 साल से शराब पी रहे हैं और जब दो बोतल के बाद भी हल्का सा भी नशा नहीं हुआ तो वो समझ गए कि शराब में मिलावटखोरी की गई है
दो क्वार्टर देसी शराब पीने के बाद लोकेंद्र आबकारी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत पत्र जमा किया। अपने शिकायत पत्र में लोकेंद्र ने कहा कि बोतल में शराब नहीं, पानी था। बतौर सबूत उन्होंने शराब के दो क्वार्टर भी पुलिस के पास जमा करवाए। लोकेंद्र ने एक्साइज़ के अधिकारियों से जांच करने और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
ग़ौरतलब है कि उचित कार्रवाई न होने पर लोकेंद्र ने कंज़्यूमर कोर्ट में अर्ज़ी देने की भी बात भी कही है। लोकेंद्र ने शराबियों को न्याय दिलाने के लिए ये कदम उठाया है। लोकेंद्र ने उज्जैन के एसपी, आबकारी विभाग और गृहमंत्री को अर्ज़ी डाली है। उनका कहना है कि जो ठगी उनके साथ हुई है वो किसी और के साथ नहीं होनी चाहिए।
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