@शब्द दूत ब्यूरो (08 मई, 2022)
ग्रीष्मकाल के लिए बदरीनाथ मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में 6:15 बजे खोल दिए गए हैं। अगले छह महीने श्रद्धालु मंदिर में भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। इस पावन मौके का साक्षी बनने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे हैं।
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही बदरीनाथ के जयघोष से धाम गुंजायमान हो उठा। इस दौरान विधि-विधान से कुबेर जी और उद्धव जी बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में विराजमान किए गए। अब चारधाम यात्रा के दौरान ग्रीष्म काल में भगवान बदरी विशाल की पूजा-अर्चना छह माह धाम में ही होगी।
कपाट खुलने के बाद सबसे पहले बदरी विशाल की मूर्ति पर ढका गया घृत कंबल उतारा गया। इसके बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा गया। निर्वाण दर्शन के बाद बदरी विशाल का अभिषेक किया गया। इसके बाद बदरी विशाल का श्रृंगार कर पूजा अर्चना संपन्न हुई।
बदरीनाथ धाम के सिंहद्वार व अन्य देवालयों को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। मंदिर की भव्यता ने हर किसी को भा रही है। कपाटोद्घाटन के दौरान यहां भक्ति का अद्भुत भाव देखने को मिला। देश विदेश से पहुंचे श्रद्धालु यहां भक्ति में लीन दिखे। बदरी विशाल के दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा।
सुबह बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही जय बदरीनाथ के जयघोष से धाम गुंजायमान हो उठा। धाम में पहली पूजा और महाभिषेक पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया। इस दौरान उनकी ओर से विश्व कल्याण और आरोग्यता की भावना से पूजा-अर्चना एवं महाभिषेक समर्पित किया गया।
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