@शब्द दूत ब्यूरो (04 मई 2022)
उत्तरांचल पावर कार्पोरेशन की लेटलतीफी का खामियाजा सैकड़ों विद्युत उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।
हल्द्वानी के बरेली रोड स्थित 33केवी /11 केवी उपसंस्थान हाथीखाल फीडर से दर्जनों गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। इस उपसंस्थान के अंतर्गत कोई फाल्ट होने पर इससे जुड़े पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित करने के बाद ही फाल्ट को दुरुस्त किया जाता है।
आज देर शाम पूरे प्रदेश में अनेक स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश आने से जहाँ लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली वहीं कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हल्द्वानी के बरेली रोड पर स्थित आधा दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। इनमें किशनपुर सकुलिया,खड़कपुर, भवान सिंह नवाड़, मोतीनगर, हाथीखाल, गौजाजाली समेत कई गांव शामिल हैं।
सूत्र बताते हैं कि दो साल पहले धौलाखेड़ा विद्युत सब स्टेशन पर टीपीएमओ स्विच लगाने का प्रस्ताव पास हुआ था। फाल्ट होने पर पूरा फीडर बंद कर फाल्ट को दुरुस्त करना पड़ता है। टीपीएमओ स्विच लगने पर पूरा फीडर बंद करने की आवश्यकता नहीं होगी। ट्रांसफार्मर और एल टी लाइन पर टीपीएमओ स्विच लगाए जाएंगे। फाल्ट वाले हिस्से का स्विच बंद करके विद्युत आपूर्ति दुरुस्त की जाएगी। इस स्विच के चलते पूरा फीडर बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।ट्रांसफार्मर और एल टी लाइन पर यह टीपीएमओ स्विच लगाए जाएंगे। इन स्विचों के लगने से उपभोक्ताओं को काफी हद तक परेशानी से निजात मिल सकती थी। लेकिन दो साल पहले का यह प्रस्ताव उत्तरांचल पावर कार्पोरेशन द्वारा अमल में न लाने से आज तक दर्जनों गांवों के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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