@शब्द दूत ब्यूरो (01 मई, 2022)
सत्तर वर्ष पूर्व बंद हुई केदारनाथ धाम की तेल कलश यात्रा को इस बार केदारनाथ पंच पंडा समिति रुद्रपुर पुनर्जीवित करने जा रही है। अखंड ज्योति के लिए सांकरी गांव में तेल एकत्रित किया गया है। तेल कलश यात्रा एक मई से केदारघाटी के ग्राम सांकरी से रुद्रपुर पहुंचेगी और फिर केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी।
गौरतलब है कि केदारनाथ मंदिर में अखंड ज्योति के लिए तेल कलश यात्रा की परंपरा वर्ष 1952 में बंद हो गई थी। अब इसे पुनर्जीवित किया जा रहा है। तेल कलश यात्रा एक मई को केदारघाटी के ग्राम सांकरी से भुकुंड भैरव के शीतकालीन गद्दी स्थल रुद्रपुर पहुंचेगी।
दो मई को कलश यात्रा गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी और फिर बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली के साथ केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। छह मई को अखंड ज्योति में यह तेल डाला जाएगा। सात मई को वृष लग्न में बाबा केदार के प्रिय गण एवं केदारनाथ धाम के रक्षक भुकुंड भैरव मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
ग्राम पंचायत सांकरी के ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार सभी घरों से तेल एकत्रित किया है। वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर समिति के रिकार्ड में तेल कलश यात्रा का कोई उल्लेख नहीं है। हो सकता है कि यह परंपरा स्थानीय निवासियों के बीच प्रचलित रही हो।
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