@शब्द दूत ब्यूरो (16 मार्च 2022)
पंजाब में जबर्दस्त जीत के बाद अब हरियाणा में भी आम आदमी पार्टी को लेकर वहाँ भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हालांकि हाल के चुनावों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित दो अन्य राज्यों में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा लेकिन इन राज्यों के चुनावों में आम आदमी पार्टी ने पूरी सक्रियता से चुनाव लड़ा और अन्य दलों के माथे पर शिकन डाल दी थी।
इसी सक्रियता का परिणाम अब हरियाणा में देखा जा रहा है। पंजाब चुनाव में मिली आम आदमी पार्टी की विशाल जीत के बाद उठापटक शुरू हो गई है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हरियाणा के बड़े-बड़े नेताओं ने आम आदमी पार्टी की ओर रूख करना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि आम आदमी पार्टी अब हरियाणा में बड़ी सियासी ताकत बनने जा रही है। इसी को भांपकर हरियाणा के तमाम बड़े राजनेता जिसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेता शामिल हैं,ने आप की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
आप में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व मंत्री बलबीर सैनी (पेहवा)ने बीजेपी को छोड़कर, पूर्व मंत्री बिजेंद्र बिल्लू (पानीपत ग्रामीण) कांग्रेस को छोड़कर, पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल (गुरुग्राम) बीजेपी को छोड़कर और पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली (समालखा) ने बीजेपी को छोड़कर आप पार्टी में शामिल हुए हैं। इतना ही नहीं अभी कई और नेता भी आप में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
उधर चौधरी भूपेंद्र हुड्डा के आप के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की खबरों से यहाँ हलचल मच गई है। राजनीतिक गलियारों से ये चर्चा छनकर आ रही है कि चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा 13 मार्च की रात केजरीवाल से मुलाकात कर चुके हैं। कहा जा रहा है कि हुड्डा अपने पुत्र को मुख्यमंत्री बनाने और 30 सीटों पर उम्मीदवार लड़ाने की शर्त पर वो आम आदमी पार्टी में शामिल होने के लिए शर्त रखी है। हालांकि केजरीवाल ने शर्तों को मानने से इंकार कर दिया है।
वैसे जिस तरह से पूरे देश में कांग्रेस की फजीहत हो रही है उसे देखते हुए अगर हरियणा में ऐसा हो जाये तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।