छातापुर(सुपौल) प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में छातापुर बाजार स्थित भोपाल सिंह बच्छावत के आवास परिसर में 86 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव धूम धाम से मनाया गया। जिसमें शिव रात्रि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
महोत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय विशिष्ट जन समेत आध्यात्मिक कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने भाग लिया। महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि राजयोगी बीके लीला कांत भाई, बीके सुनीति, बीके किरण, शिशुपाल सिंह बच्छावत, शालिग्राम पांडेय आदि के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दरभंगा से आने वाले राजयोगी लीला कांत भाई शामिल हुए।उन्होंने कार्यक्रम में शिव कथा से जुड़ी जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि शिव रात्रि परमात्मा के दिव्य अवतरण का यादगार पर्व है। कहा कि शिवलिंग पर भांग, धथुरा, गांजा, बेलपत्र, आक का फूल, दूध आदि चढ़ाने के पीछे के महत्व को भी विस्तृत रूप जे बताया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज का मानव घोर अज्ञानता रूपी अंधकार में स्वंय को भूलकर अपने स्वरूप को खो चुकी है।इसलिए मनुष्य के अंदर पापाचार, अत्याचार, दुराचार, व्यभिचार, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, भय, चिंता और निराशा आदि भर रहा है। जिसको लेकर वैसे मानव ताप से जल रहे है। इसलिए मानव को सांसारिक मोह माया से बचकर त्रिमूर्ति भगवान शिव की आराधना करने की जरूरत है। इसी से जुड़ी बातों को मुख्य वक्ता द्वारा कार्यक्रम में विस्तृत रूप से बताया गया। दो घण्टे तक चलने वाली इस महोत्सव महाशिव रात्रि पर विशेष चर्चा की गई। मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर नारी थी।
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