हरीश रावत को लालकुआं सीट पर भी अपनों के असंतोष और भीतरघात का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उनके सामने विपक्ष से टकराने के साथ अपनों को साधने की भी चुनौती होगी।
@शब्द दूत ब्यूरो (28 जनवरी, 2022)
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अब लालकुआं सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन लालकुआं में रावत की राह आसान नहीं है। उन्हें बगावत के साथ भीतरघात का सामना भी करना पड़ सकता है। बता दें कि कांग्रेस ने यहां से संध्या डालाकोटी को टिकट दिया था। टिकट कटने के बाद भावुक हुईं संध्या ने कहा कि पार्टी को बताना होगा कि मेरी गलती क्या है। संध्या डालाकोटी ने लालकुँआ विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर दिया है।
लालकुआं में पार्टी ने पहले पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी को टिकट दिया था, मगर 48 घंटे के भीतर उनकी उम्मीदवार खत्म कर दी गई। इससे नाराज डालाकोटी समर्थकों ने उनके गौलापार स्थित आवास पर महापंचायत की। इस दौरान संध्या की आंखों से आंसू निकल आए।
संध्या डालाकोटी ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट में स्थिति अच्छी होने के कारण पैनल में नाम गया था। उत्तर प्रदेश में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के साथ 40 प्रतिशत महिला उम्मीदवार खड़े किए। कुमाऊं से सिर्फ दो महिलाओं को ही टिकट मिला। लेकिन तीसरे दिन मुझे बताया गया कि टिकट पर विचार किया जा रहा है।
संध्या ने कहा कि मैंने कांग्रेस के लिए संघर्ष किया। अपने परिवार से दूर रही। ऐसे में पार्टी को बताना होगा कि मेरी गलती क्या है? टिकट से पहले सभी कहते थे कि जिसका भी नाम होगा। सब उसका साथ देंगे। मगर एक महिला को टिकट मिलने पर सभी विरोध में खड़े हो गए।
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