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उत्तराखंड: पिछले पांच सालों में बने तीन सीएम, जानिए- तीनों में कौन है सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा नेता

उत्तराखंड के बनने के बाद अब तक 11 मुख्यमंत्री बन चुके हैं जिसमें केवल एक मुख्यमंत्री ही ऐसा है जिसने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। भाजपा नीत सरकार में पिछले पांच सालों में राज्य में तीन नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

@शब्द दूत ब्यूरो (27 जनवरी, 2022)

उत्तराखंड में विधानसभा की सत्तर सीटों के लिए 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं वहीं परिणाम 10 मार्च को घोषित किया जाएगा। उत्तराखंड में इस बार होने वाला विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा ने किसी को भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। फिर भी कांग्रेस हरीश रावत के भरोसे है और भाजपा युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर दांव खेल रही है।

दरअसल पिछले 21 सालों में राज्य को 11 मुख्यमंत्री मिल चुके हैं जिसमें से बीजेपी के सात और कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री हैं। हालांकि 11 मुख्यंत्रियों में से केवल कांग्रेसी नारायण दत्त तिवारी ने ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। ऐसे में मतदाताओं के सामने एक बार फिर सरकार चुनने को लेकर दुविधा होगी क्योंकि सदन में भेजे गए नेताओं को एक वक्त के बाद आलाकमान द्वारा बदल दिया जाता है।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को 70 विधानसभा सीटों में से 57 सीटों पर जीत मिली थी वहीं कांग्रेस पार्टी को 11 सीटें और अन्य के खाते में दो सीटें आई थीं। बीजेपी ने चुनाव जीतने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन अपने पांच साल के कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को सीएम बनाया लेकिन 116 दिनों बाद उन्हें भी सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। चार जुलाई 2021 को पुष्कर सिंह धामी ने सीएम बनें। पिछले पांच सालों में उत्तराखंड की सत्ता में बीजेपी के तीन नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं।

आइए, अब जानते हैं भाजपा नीत सरकार में तीन मुख्यमंत्रियों के बारे में कुछ बातें। त्रिवेंद्र सिंह रावत का जन्म 20 दिसंबर 1960 को पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। उनके पिता प्रताप सिंह और माता बोद्धा देवी हैं। त्रिवेंद सिंह ने 1983 में श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय से इतिहास में परास्नातक की डिग्री हासिल की इसके बाद 1984 में पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। अगर उनके राजनीतिक जीवन की बात करें तो 1981 में ही उन्होंने आरएसएस ज्वाइन कर लिया था। पहली बार साल 2002 में त्रिवेंद्र सिंह रावत डोईवाला विधानसभा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और 2017 में उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला।

तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल साल 1964 में पौड़ी गढ़वाल में हुआ था. उनके पिता कमल सिंह रावत थें। तीरथ सिंह रावत ने 1992 हेमवती नंदन बहुगुणा विश्विद्यालय से समाजशास्त्र से मास्टर की डिग्री हासिल की है। साल 2000 में वे राज्य के पहले शिक्षामंत्री नियुक्त हुए। इसके बाद 2007 में प्रदेश के महामंत्री, 2013 में उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बने। तीरथ 2019 में पौढ़ी गढ़वाल से सांसद बने। त्रिवेंद्र सिंह रावत के सीएम पद से इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत 10 मार्च 2021 को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।हालांकि अपने विवादित बयानों के कारण उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा।

पुष्कर सिंह धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को हुआ। उनके पिता शेर सिंह धामी भारतीय सेना में रह चुके हैं। पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया है। पढ़ाई के दिनों में ही वे आरआरएस के साथ जुड़ गए। 2002 में वे प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी युवा मोर्चा के बने। चार जुलाई 2021 को पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

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