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उत्तराखंड :तीन रावतों के चक्कर में फंसी कांग्रेस, जानिए पार्टी के लिए क्यों जरूरी हैं हरीश, हरक और रणजीत

@शब्द दूत ब्यूरो (24 जनवरी, 2022)

उत्तराखंड में कांग्रेस ने अब तक 53 सीटों पर ही प्रत्याशियों का ऐलान किया ​है। अब 17 सीटों पर कांग्रेस के लिए प्रत्याशियों का चयन पर सबसे बड़ी महाभारत हो रही है। जिन सीटों पर कांग्रेस अब तक प्रत्याशियों के नाम पर मुहर नहीं लगा पाई हैं, उन सीटों पर कांग्रेस के तीन सबसे बड़े रावत चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत के चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस हाईकमान फैसला नहीं ले पा रही है।

सबसे ज्यादा परेशानी कांग्रेस के लिए हरीश रावत और रणजीत रावत के बीच के टकराव को रोकना है। हरीश रावत और रणजीत रावत दोनों रामनगर सीट से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए किसी एक को टिकट देना दूसरे खेमे के लिए बगावती सुर तेज करने का मौका देना है।

हरीश रावत और रणजीत रावत के लिए टिकट का फाइनल न होने की वजह से कांग्रेस ने अब तक रामनगर और सल्ट सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि हाईकमान हरीश रावत को रामनगर और रणजीत रावत को सल्ट से चुनाव मैदान में उतारना चाहता है। लेकिन रणजीत रावत समर्थक रामनगर से ही चुनाव लड़वाना चाहते हैं। जिस वजह से मुहर नहीं लग पा रही है।

कांग्रेस के तीसरे और सबसे कद्दावर नेता हरक सिंह रावत के इस बार चौबट्टाखाल सीट से चुनाव मैदान में आने की चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि हरक सिंह को चौबट्टाखाल सीट से चुनाव लड़ाने के लिए हाईकमान तैयार है। जिसके बाद इस सीट पर चुनाव सबसे रोमांचक होने की उम्मीद है। चौबट्टाखाल सीट से भाजपा के टिकट पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज दावेदार हैं। जो कि सिटिंग विधायक हैं। अगर हाईकमान ने हरक सिंह रावत को चौबट्टाखाल से चुनाव मैदान में उतार दिया तो महाराज का चुनाव मुश्किल में आ सकता है।

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