@शब्द दूत ब्यूरो (22 जनवरी, 2022)
भाजपा द्वारा 59 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अब केवल 11 सीटों पर सस्पेंस है। फ़िलहाल राज्य का पार्टी नेतृत्व माथापच्ची में जुटा है। कहा जा रहा है कि पांच सीटों की गुत्थी सुलझा ली गई और छह के गणित को लेकर बैठकें जारी हैं।
हल्द्वानी सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा ने जल्दबाजी नहीं दिखाई। दावेदारों की फेहरिस्त ने यहां वेट एंड वाच की स्थिति बना दी है। वैसे यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन कांग्रेस की दिग्गज नेता रही डा. इंदिरा हृदयेश अब नहीं रहीं। भाजपा इस सीट से दो बार से विधानसभा चुनाव हारते आ रही है। पिछली बार मेयर रहते हुए डा. जोगेन्द्र रौतेला को टिकट दिया गया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वह दोबारा हल्द्वानी शहर के महापौर है।
चर्चा है कि पार्टी यहां पर एक पद दो सिद्धांत का फार्मूला लगाकर चौंकाने वाला निर्णय भी कर सकती है। प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट भी अलग-अलग सीटों से दावेदार हैं। पार्टी इनके नामों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल मामला फंसा हुआ है। कुछ अन्य दावेदारों की सीएम व संघ के अन्य नेताओं से भी पहुंच है। इस एंगल से भी कई तरह के कयास लग रहे हैं।
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