राकेश अचल पत्रकारिता के “धर्म” को जिंदा रखे हुए हैं। लेकिन उनके लेखन में धर्मनिरपेक्षता के साथ साथ बिना किसी लाग लपेट के सीधा और सपाट निशाना होता है। समसामयिक विषयों और ताजा घटनाओं पर उनकी कलम से निकली त्वरित टिप्पणियों में सारगर्भित ढंग से वह सब कुछ होता है जिसे पढ़ने के बाद चिंतन करने पर आप विवश हो जाते हैं। उनकी पुस्तक त्वरित टिप्पणी उनकी अनवरत लेखन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।-संपादक
@शब्द दूत ब्यूरो (03 जनवरी 2022)
ग्वालियर। प्रख्यात कहानीकार महेश कटारे ने कहा है कि आज के क्रूरतम समय में राकेश अचल की पुस्तक का आना एक महत्वपूर्ण घटना है। वे पत्रकार राकेश अचल की पुस्तक ‘त्वरित टिप्पणी’के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे। कटारे ने कहा कि चारण बनना आसान है लेकिन तीर की तरह निशाना साधकर सामाजिक सरोकारों के लिए लिखना कठिन काम है। पुस्तक इंडिया नेट बुक्स ने प्रकाशित की है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कलाकार सुभाष अरोरा ने कहा कि राकेश अचल ऐसा लेखक हैं जो बिना किसी रंग का चश्मा लगाए एकदम खरा लिखते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर पत्रकार को इस पुस्तक को पढना चाहिए। विषय प्रवर्तन वरिष्ठ लेखक राज चढ्ढा ने किया और कहा कि राकेश अचल चार दशक से निष्पक्ष पत्रकारिता के जरिए समाज की सेवा कर रहे हैं।
समारोह के अध्यक्ष नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अचल के आलेख आलोचनात्मक होने के साथ ही रचनात्मक भी है। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित जनों से नगर को स्वच्छ बनाने की शपथ दिलाई। अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने किया।
डा केशव पांडे ने लेखक राकेश अचल का शाल, श्रीफल से अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन अतुल अजनबी ने किया। आभार डा राकेश पाठक ने माना ।
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