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इजरायल से सीखी जैविक खेती, अब गांव में अच्छा मुनाफा कमा रहा ये किसान

रोहन बताते हैं कि शुरू में तो लोग जैविक खेती को लेकर बहुत इच्छुक नही दिखे। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि जैविक खेती में खर्च तो कम आता ही है साथ ही, खेतों से निकलने वाली फसल भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है तो लोगों में जैविक खेती को लेकर उत्साह जागा।

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (17 दिसंबर, 2021)

मुंबई से सटे पालघर जिले के वाडा तहसील में एनशेत गांव में बना फार्म हाउस फिलहाल इस समय काफी चर्चा में है। किसान परिवार में पले-बढ़े रोहन ठाकरे का परिवार पीढ़ियों से पारंपरिक किसान रहा है। जैसे-जैसे रोहन बड़े होते गये वह कुछ अलग करने की कोशिश करने लगे। रोहन ने अपनी पढ़ाई पूरी की और एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने लगे, लेकिन इसी दौरान वह कंपनी के काम के सिलसिले में इजरायल गए, जहां उन्हें जैविक खेती के बारे में जानने का मौका मिला।

रोहन वहां बंजर जमीन पर होने वाली जैविक खेती से काफी प्रभावित हुए। जबकि रोहन को तो पहले से कृषि क्षेत्र ने वास्तव में रुचि थी. उस के बाद रोहन भारत लौटकर जब अपने गांव लौटे और कुछ अलग करने की ठानी। रोहन अपने पिता सुधीर ठाकरे के साथ कृषि कार्य में जी-जान से शामिल हो गए। इस प्रकार वह तीसरी पीढ़ी के किसान बन गए।

रोहन ठाकरे ने पहले एक एकड़ जमीन पर जैविक खेती की शुरुआत की और फिर जब इस जैविक खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा होने लगा और इस जैविक फसल की मांग बढ़ने लगी तो रोहन ने नौ एकड़ के खेत में जैविक खेती शुरू कर दी।

रोहन ने बताया, ”मेरा गांव तीनों तरफ से तीन नदियों से घिरा है. पहले यह गांव पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर था। 1985 तक गांव का हर घर खेती से जुड़ा था। यहां के चीकू एक समय में देशभर में मशहूर थे, लेकिन समय के साथ लोग शहरों की तरफ जाने लगे और खेती लगभग बंद हो गई।”

शहरों में रहने वाले लोगों को गांव के जीवन और जैविक खेती के बारे में जानने की इच्छा होती है। रोहन बताते हैं कि शुरू में तो लोग जैविक खेती को लेकर बहुत इच्छुक नही दिखे। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि जैविक खेती में खर्च तो कम आता ही है साथ ही, खेतों से निकलने वाली फसल भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है तो लोगों में जैविक खेती को लेकर उत्साह जागा।

इसके बाद कुछ किसान जैविक खेती को लेकर प्रेरित हुए और उन्होंने धीरे-धीरे ही सही एक नई शुरुआत की है। रोहन ने बताया कि जैविक खेती के बल पर आठ प्रकार के फलों और बारह प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। जिसकी मुंबई में भारी मांग होती है। रोहन बताते हैं कि जो पर्यटक हमारे फार्म पर आते है उन्हें हम जैविक खेती कैसे की जाती है वह भी सिखाते है।

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