सीडीएस बिपिन रावत के साले यशवर्धन सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर स्वीकारा है कि यशोवर्धन की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट मेरे संज्ञान में आई है।
@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (15 दिसंबर, 2021)
बीती आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 सैन्य अधिकारी और जवान शहीद हो गए थे। अभी देश अपने सीडीएस को खोने के गम से उबरा भी नहीं है कि उनके साले ने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर सरकार पर आरोप लगाए हैं। जिस पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि ‘वह खुद इस पूरे मामले को देखेंगे।’
दरअसल पूरा मामला सड़क निर्माण से जुड़ा हुआ है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत के भाई यशवर्धन सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “जिस दिन जीजाजी और जिज्जी मधुलिका रावत का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उसी वक्त हमारे निजी निवास के परिसर से बिना भूमि अधिग्रहण किए अवैध रूप से नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही किसी हस्तक्षेप पर स्थानीय पुलिस को भी हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है।” यशोवर्धन सिंह ने इस मामले में न्याय की मांग की है।
बता दें कि कटनी से झारखंड के गुमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग 43 का निर्माण किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग शहडोल से होकर गुजरता है। यह हाईवे सीडीएस बिपिन रावत के साले यशोवर्धन सिंह के निवास परिसर से होकर गुजर रहा है। यशोवर्धन सिंह ने आरोप लगाया है कि सड़क का अभी तक उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिला है जबकि प्रशासन ने उनके परिसर में काम शुरू कर दिया है।
वहीं इस पूरे मामले पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा कि यशोवर्धन जी की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट मेरे संज्ञान में आई है। मैंने इस विषय में एसपी शहडोल से बातचीत कर निर्देश दिए हैं कि पूरा मामला मेरी जानकारी में लाए बिना पुलिस किसी भी तरह का कोई कदम उनके या उनके परिवार के खिलाफ नहीं उठाए। अगर पुलिस द्वारा किसी भी तरह के पूर्वाग्रह से इस मामले को बरता गया है और किसी भी तरह की अवैधानिक कार्रवाई को प्रश्रय दिया गया है तो मैं खुद पूरे मामले को देखूंगा और जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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