काशीपुर: केजरीवाल की जनसभा में उमड़ी भीड़, जिला बनाने की गारंटी से बदल सकता है माहौल, दीपक बाली एक कद्दावर नेता बने, पढ़िये खास विश्लेषण

@शब्द दूत ब्यूरो (14 दिसंबर 2021)

काशीपुर । शहर की जनता अब तक भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के वादों पर मत देती आई है। इस बार आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले यहाँ वादों की झड़ी लगा दी है। शहर की अगर बात की जाये तो दशकों पुरानी जिले की मांग को लेकर दोनों राष्ट्रीय दलों ने यहाँ की जनता से कई बार जिला बनाने के नाम पर वोट हासिल किये हैं। पर बिडम्बना यह कि हर बार जिले के नाम पर यहाँ की जनता को छला गया।

आज अरविंद केजरीवाल ने काशीपुर वासियों को आश्वस्त किया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर काशीपुर समेत छह जिले छह माह के भीतर घोषित कर दिये जायेंगे। यह बड़ा वादा है। आम आदमी पार्टी के शब्दों में अगर कहें तो ये वादा नहीं बल्कि गारंटी है। रामलीला मैदान में अपने संबोधन में केजरीवाल ने मंच से जिले बनाने की घोषणा कर यहाँ एक नया दांव खेल दिया है। दरअसल पहले काशीपुर को जिला बनाने का हर दल ने वादा तो किया लेकिन जीतने के बाद यह वादा हवा हवाई हो गया। 

खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी का काशीपुर में जो चेहरा इस समय सुर्खियों में है उसने पिछले कुछ समय से यहाँ की राजनीति में जबर्दस्त उछाल हासिल किया है। कुछ ऐसे काम जिसके लिए सरकार या यहाँ के प्रशासन पर लोगों को निर्भर रहना पड़ता था उसके लिए वह खुद सामने आये और उसका समाधान भी किया। दीपक बाली ने राजनीति में आने के बाद इतने कम समय में वह मुकाम हासिल कर लिया जिसके लिए अन्य दलों में स्थानीय नेताओं को वर्षों मेहनत करनी पड़ती है। यहाँ दीपक बाली के बारे में एक बात कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि एक उद्योगपति के रूप में उन्होंने कम समय में एक ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया था ठीक उसी तर्ज पर बाली ने प्रदेश की राजनीति में अपने आप को स्थापित कर लिया है। 

दरअसल काशीपुर को एक ऐसे राजनेता की तलाश थी जो उनकी समस्याओं और दिक्कतों को प्रभावी ढंग से उठा सके। ऐसे नेताओं की भरमार हो गई थी जो सिर्फ और सिर्फ अपने प्रदेश व देश स्तर के नेताओं के स्वागत कर के खुद के नेता के वजूद को जिंदा रखने की कोशिश में लगे रहे।

आज की केजरीवाल की जनसभा और कार्यक्रम से यह तो साबित हो गया कि दीपक बाली काशीपुर में एक कद्दावर नेता के रूप स्थापित हो चुके हैं। रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ इस बात का द्योतक है कि शहर की राजनीति में एक बड़ परिवर्तन देखने को मिल सकता है। यहाँ की कई समस्याओं और दिक्कतों के समाधान की पहल अब शुरू हो चुकी है। 

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